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Hepatitis Free India: 8 साल में 21 करोड़ से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग, 6 लाख मरीजों का मुफ्त इलाज

Hepatitis Free India: 8 साल में 21 करोड़ से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग, 6 लाख मरीजों का मुफ्त इलाज

नई दिल्ली, 28 जुलाई। विश्व हेपेटाइटिस दिवस-2026 के अवसर पर केंद्र सरकार ने वर्ष 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने का संकल्प दोहराया है। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के आठ वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यों और सभी संबंधित हितधारकों से मिलकर ‘हेपेटाइटिस मुक्त भारत’ अभियान को और तेज करने का आह्वान किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जहां हेपेटाइटिस-सी का मुफ्त इलाज और हेपेटाइटिस-बी का निःशुल्क प्रबंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य जांच, उपचार, रोकथाम और जागरूकता के जरिए वायरल हेपेटाइटिस के बोझ को लगातार कम करना है।

21 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत अब तक 21 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। वहीं छह लाख से ज्यादा मरीजों को मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया गया है।

सरकार ने देशभर में 1,153 उपचार केंद्र स्थापित किए हैं, जहां हेपेटाइटिस से जुड़े मरीजों को जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा 7.64 करोड़ गर्भवती महिलाओं की भी हेपेटाइटिस-बी की जांच की जा चुकी है।

जन्म के समय टीकाकरण कवरेज 92 प्रतिशत से अधिक

सरकार के अनुसार, हेपेटाइटिस-बी के जन्म के समय टीकाकरण की कवरेज 92 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। सरकार का जोर अब गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग को शत-प्रतिशत करने और संक्रमण को मां से बच्चे तक पहुंचने से रोकने पर है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से गर्भवती महिलाओं की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के साथ-साथ जागरूकता अभियानों को और तेज करने की अपील की है। सरकार का मानना है कि समय पर पहचान, उपचार और रोकथाम के उपायों को मजबूत करके 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की जा सकती है।

 

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