Haryana Special Session: सीएम नायब सिंह सैनी का विपक्ष पर हमला, महिलाओं और कर्मचारियों के मुद्दों पर घेरा

0
1
Haryana special session news, Nayab Singh Saini statement,

Haryana Special Session: सीएम नायब सिंह सैनी का विपक्ष पर हमला, महिलाओं और कर्मचारियों के मुद्दों पर घेरा

रिपोर्ट : कोमल रमोला

चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के बाद मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने प्रेस वार्ता में विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सत्र की कार्यवाही को पूरी तरह संवैधानिक और जनहित में बताया तथा विपक्ष के आरोपों को निराधार करार दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष सत्र कैबिनेट की मंजूरी और राज्यपाल की अनुमति से विधिवत बुलाया गया था। ऐसे में इसे असंवैधानिक बताना पूरी तरह गलत है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि क्या चुनी हुई सरकार और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए गए फैसलों पर इस तरह सवाल उठाना उचित है।

आचार संहिता के बीच सत्र बुलाने को लेकर उठे सवालों पर भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह एक विधायी विषय है और इसमें किसी प्रकार की संवैधानिक बाधा नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी विशेष सत्र बुलाए जाते रहे हैं, इसलिए इस मुद्दे को बेवजह विवादित बनाया जा रहा है।

सत्र के दौरान “हरियाणा लिपिकीय सेवा (भर्ती और सेवा की शर्तें) विधेयक, 2026” को सर्वसम्मति से पारित किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस विधेयक के जरिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही लिपिक पद पर पदोन्नति का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे अधिक कर्मचारियों को अवसर मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने कर्मचारियों और महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों से दूरी बनाई। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने खरीद से संबंधित समस्याओं पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया, लेकिन जब चर्चा का समय आया तो वे सदन में मौजूद ही नहीं रहे। इसके अलावा नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लाए गए प्रस्ताव का भी विपक्ष ने बहिष्कार किया, जबकि उसमें किसी प्रकार की नकारात्मक भाषा नहीं थी।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के विधायक सदन में उपस्थित नहीं हुए और बाहर समानांतर सत्र चलाने का प्रयास किया, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अनादर बताया।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, खेल, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं और सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री Bhupinder Singh Hooda द्वारा बिल की कॉपी उपलब्ध न होने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल बहाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित जानकारी नेवा पोर्टल पर उपलब्ध थी और विपक्ष ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की।

परिसीमन और महिला आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया साथ-साथ होगी। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन विधेयक के तहत महिलाओं को आरक्षण का लाभ वर्ष 2029 से दिए जाने का प्रावधान है, जिससे उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित हिस्सेदारी मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल को लेकर भी बड़ा दावा करते हुए कहा कि आगामी चुनावों में वहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। वहीं आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने पंजाब में झूठे वादों के सहारे सत्ता हासिल की और वहां के लोगों को गुमराह किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को भी परेशान किया जा रहा है और शिकायत करने वालों पर ही झूठे मामले दर्ज किए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी पंजाब में भाजपा की सरकार बनेगी, तब नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस समस्या को जड़ से खत्म किया जाएगा।

इस मौके पर सहकारिता मंत्री Arvind Sharma, विधायक भगवान दास कबीरपंथी, बिमला चौधरी, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।