Dog Attack: कुत्तों के हमलों से परेशान पंचशील ग्रीन्स-2 के लोग सड़क पर उतरे, समाधान की मांग
नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पंचशील ग्रीन्स-2 सोसाइटी में लावारिस कुत्तों के बढ़ते हमलों से परेशान लोगों ने रविवार को विरोध दर्ज कराया। सोसाइटी के बच्चों और अन्य निवासियों ने परिसर में शांतिपूर्ण मार्च निकालकर आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। मार्च के बाद लोगों ने मेंटेनेंस प्रबंधन को लिखित ज्ञापन सौंपा और डॉग बाइट की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लावारिस कुत्तों के लोगों पर हमला करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन घटनाओं को लेकर पहले भी मेंटेनेंस टीम और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन लोगों के मुताबिक समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण सोसाइटी में रहने वाले बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों के अकेले बाहर निकलने पर अभिभावकों को उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है। इसी समस्या को लेकर रविवार को बड़ी संख्या में बच्चे और निवासी एकत्र हुए और शांतिपूर्ण मार्च निकाला।
मार्च के दौरान लोगों ने आवारा कुत्तों के कारण पैदा हो रही सुरक्षा समस्या का मुद्दा उठाया। इसके बाद सोसाइटी की मेंटेनेंस टीम को लिखित पत्र सौंपा गया। निवासियों ने मांग की कि कुत्तों के हमले की घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं और सोसाइटी परिसर में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
निवासियों का आरोप है कि कुछ लोग जानबूझकर बाहर से लावारिस कुत्तों को सोसाइटी परिसर में लाकर उन्हें आश्रय दे रहे हैं। इससे परिसर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने और लोगों के लिए खतरा पैदा होने की बात कही जा रही है।
लोगों ने मांग की कि संबंधित विभाग और सोसाइटी प्रबंधन मिलकर समस्या का समाधान करें। उनका कहना है कि केवल शिकायत दर्ज कराने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि कुत्तों की मौजूदगी, डॉग बाइट की घटनाओं और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित कार्रवाई जरूरी है।
निवासियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध शांतिपूर्ण है और उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ कार्रवाई कराना नहीं, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और अन्य निवासियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कराना है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मेंटेनेंस प्रबंधन और संबंधित प्राधिकरण की ओर से उनकी शिकायत पर क्या कदम उठाया जाता है।

