Noida Electric Bus: 5 नए चार्जिंग प्वाइंट शुरू, अब नोएडा में ही चार्ज होंगी गाजियाबाद जाने वाली 26 बसें
नोएडा। जिले में पांच नए इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग प्वाइंट शुरू होने के बाद अब गाजियाबाद स्थित डिपो पर चार्जिंग के लिए भेजी जाने वाली नोएडा की 26 सिटी बसों का संचालन जिले के भीतर ही किया जाएगा। चार्जिंग सुविधा बढ़ने के बाद परिवहन व्यवस्था में बदलाव की तैयारी की गई है। अब इन बसों को चार्जिंग के लिए गाजियाबाद भेजने की जरूरत नहीं होगी और इन्हें नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के विभिन्न रूटों पर संचालित किया जाएगा।
जिलेभर में जून में 110 सिटी बसों का संचालन शुरू किया गया था। संचालन शुरू होने के समय जिले में पर्याप्त चार्जिंग प्वाइंट उपलब्ध नहीं थे। इसी वजह से 26 बसों को चार्ज करने के लिए गाजियाबाद स्थित डिपो भेजने का निर्णय लिया गया था।
गाजियाबाद से चार्ज होने के बाद ये बसें मोहन नगर, हापुड़ चुंगी, इंदिरापुरम, लाल कुआं और यूपी गेट होते हुए नोएडा के रास्तों पर संचालित की जा रही थीं। चार्जिंग सुविधा की कमी के कारण बसों को गाजियाबाद भेजना पड़ रहा था, जिससे संचालन व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता था।
अब जिले में नए चार्जिंग प्वाइंट शुरू होने के बाद कुल चार्जिंग प्वाइंट की संख्या करीब 20 हो गई है। कासना में भी नए चार्जिंग प्वाइंट शुरू किए गए हैं। इसके बाद परिवहन विभाग ने उन बसों को भी जिले में ही संचालित करने की योजना तैयार की है, जिन्हें अब तक चार्जिंग के लिए गाजियाबाद भेजा जाता था।
गाजियाबाद डिपो पर चार्जिंग के लिए नोएडा की चार और ग्रेटर नोएडा की 22 बसें जाती थीं। नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो के एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि कासना में नए चार्जिंग प्वाइंट शुरू हो गए हैं और अब बसों को वहीं चार्ज किया जा रहा है। इससे बसों को जिले से बाहर भेजने की जरूरत कम होगी।
संचालन बेहतर करने के लिए बढ़ाए जाएंगे फेरे
26 बसों के जिले में ही संचालन से यात्रियों को बसों के बीच कम अंतराल का लाभ मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में कई रूटों पर एक बस के गुजरने के बाद दूसरी बस के आने का समय निश्चित नहीं रहता। कुछ स्थानों पर बस करीब 20 मिनट में पहुंच जाती है, जबकि कई स्टॉप पर यात्रियों को 40 मिनट तक बस का इंतजार करना पड़ता है।
नई व्यवस्था में 26 बसों के जिले के भीतर ही संचालन से बसों के फेरे बढ़ाने और उनके बीच का अंतर कम करने की योजना है। इससे बसों की उपलब्धता बढ़ सकती है और यात्रियों को स्टॉप पर ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
परिवहन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक चार्जिंग प्वाइंट बढ़ने से बसों के संचालन की क्षमता में भी सुधार होगा। पहले चार्जिंग के लिए गाजियाबाद भेजी जाने वाली बसों को अब जिले के रूटों पर अधिक समय तक चलाया जा सकेगा। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
