Greater Noida Road Repair: बारिश के बाद टूटी सड़कों की मरम्मत शुरू, 2.75 करोड़ से भरे जाएंगे गड्ढे; शहरी और ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल
नोएडा। बारिश के बाद ग्रेटर नोएडा में जर्जर हुई सड़कों की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। सोमवार को ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने वाली 130 मीटर चौड़ी सड़क पर गड्ढों को भरने का काम कराया गया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सभी वर्क सर्किल में बारिश से क्षतिग्रस्त और चिह्नित सड़कों की मरम्मत जल्द शुरू करने की तैयारी की है। इसके लिए 2.75 करोड़ रुपये की निविदा भी जारी की गई है।
बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कों की हालत खराब हो गई थी। जगह-जगह बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए गड्ढे दुर्घटना का खतरा बढ़ा रहे थे।
बारिश के बाद सड़कों की स्थिति और खराब होने पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने परियोजना विभाग को सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसके बाद परियोजना विभाग ने अलग-अलग क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की पैच रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया है।
उप महाप्रबंधक परियोजना विजय रावल ने बताया कि टूटी हुई सड़कों पर पैच रिपेयरिंग शुरू करा दी गई है। सोमवार को 130 मीटर चौड़ी सड़क पर गड्ढों को भरने का काम किया गया। इसके बाद अन्य चिह्नित सड़कों पर भी मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक रेडी मिक्स कंक्रीट यानी आरएमसी संयंत्र भी चालू हो गए हैं। इससे सड़कों की मरम्मत के काम में तेजी आने की उम्मीद है। बारिश के दौरान जिन सड़कों पर नए गड्ढे बने हैं, उन्हें भी अभियान में शामिल किया जाएगा।
प्राधिकरण ने साफ किया है कि मरम्मत अभियान केवल शहर की मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रेटर नोएडा के शहरी क्षेत्रों के साथ प्राधिकरण के अधीन आने वाले ग्रामीण इलाकों की क्षतिग्रस्त सड़कों की भी मरम्मत कराई जाएगी।
ग्रेटर नोएडा में सड़कों पर गड्ढों की समस्या पहले भी सामने आई थी। पूर्व में कराए गए सर्वेक्षण में अलग-अलग सड़कों पर कुल 928 गड्ढे चिह्नित किए गए थे। इनमें से 600 से अधिक गड्ढों को भरने का दावा किया गया था।
इसके बावजूद कई स्थानों पर गड्ढों की समस्या बनी रही। इसके बाद हुई बारिश ने सड़कों को और नुकसान पहुंचाया और कई स्थानों पर पहले से क्षतिग्रस्त सड़कें ज्यादा खराब हो गईं।
ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट को जोड़ने वाली 130 मीटर चौड़ी सड़क भी बारिश से प्रभावित प्रमुख मार्गों में शामिल है। इस सड़क पर बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही थी।
इसके अलावा शहर की कई अन्य प्रमुख सड़कों और गांवों को जोड़ने वाले मार्गों पर भी बारिश के बाद गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को भी मरम्मत अभियान में शामिल किए जाने से गांवों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए 2.75 करोड़ रुपये की निविदा जारी की है। इसके तहत वर्क सर्किल चार, पांच, छह और सात के अंतर्गत आने वाली सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक बारिश के बाद अब मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त और अधिक यातायात वाली सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने की योजना है। इसके बाद अन्य चिह्नित मार्गों पर काम किया जाएगा।
प्राधिकरण का प्रयास है कि सड़क मरम्मत के काम को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि वाहन चालकों को गड्ढों के कारण होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। सड़कों की स्थिति बेहतर होने से दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में भी मदद मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा कि बारिश के कारण जिन सड़कों पर गड्ढे हुए हैं, उन्हें भरने के निर्देश दिए गए हैं। परियोजना विभाग ने काम शुरू कर दिया है और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में प्राधिकरण के अलग-अलग वर्क सर्किल में सड़क मरम्मत और गड्ढे भरने का काम तेज होने की उम्मीद है।

