Greater Noida Road Project: एलजी से शारदा गोलचक्कर के बीच 20 साल से अधूरी सड़क की बाधा नहीं हुई दूर, 19.8 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की फाइल अटकी
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में एलजी गोलचक्कर से नॉलेज पार्क स्थित शारदा गोलचक्कर के बीच करीब एक किलोमीटर लंबी अधूरी सड़क का निर्माण पूरा होने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। सड़क निर्माण में बाधा बनी जमीन के अनिवार्य अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, लेकिन इसमें अपेक्षित तेजी नहीं आ रही है। इससे संबंधित प्रस्ताव की फाइल फिलहाल मंजूरी के इंतजार में अटकी हुई है।
अधूरी सड़क का निर्माण पूरा करने के लिए करीब 19.8 हेक्टेयर जमीन का अनिवार्य अधिग्रहण किया जाना है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से इससे संबंधित प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा जा चुका है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और इसके बाद सड़क का निर्माण शुरू कराया जा सकेगा।
एलजी गोलचक्कर से नॉलेज पार्क के शारदा गोलचक्कर की तरफ जाने वाली सड़क का एक हिस्सा करीब 20 वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसकी प्रमुख वजह टी-सीरीज कंपनी और प्राधिकरण के बीच जमीन को लेकर चल रहा विवाद बताया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत होने के बावजूद अभी तक सहमति नहीं बन सकी है। जमीन से जुड़ा मामला अदालत में भी विचाराधीन है।
सड़क का एक हिस्सा अवरुद्ध होने के कारण वाहनों को एक ही तरफ से आवागमन करना पड़ता है। इससे यहां यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। यह ग्रेटर नोएडा की महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल है और सामान्य दिनों में भी यहां वाहनों का काफी दबाव रहता है।
इंडिया एक्सपो मार्ट में बड़े कार्यक्रम और प्रदर्शनियां आयोजित होने के दौरान इस मार्ग पर वाहनों की संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क का एक हिस्सा अधूरा होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आगामी समय में इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्राधिकरण सड़क की बाधा दूर करने की योजना पर काम कर रहा है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच तैयार किया जा रहा नया संपर्क मार्ग अगले कुछ महीनों में शुरू होने की उम्मीद है। इस संपर्क मार्ग के चालू होने के बाद एलजी गोलचक्कर से गुजरने वाले वाहनों की संख्या बढ़ सकती है। इसी को देखते हुए अधूरी सड़क को पूरा करना और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
नए संपर्क मार्ग के शुरू होने के बाद परी चौक और सूरजपुर घंटाघर चौक पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही एलजी गोलचक्कर से नोएडा के सेक्टर-145, सेक्टर-147 और आसपास के अन्य सेक्टरों तक सीधी कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी।
इस परियोजना के तहत हिंडन नदी पर नया पुल भी बनाया गया है। नए पुल और संपर्क मार्ग के चालू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच आवागमन का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को मौजूदा व्यस्त मार्गों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जमीन के विवाद का समाधान होने का इंतजार करने के बजाय आवश्यक हिस्से का अनिवार्य अधिग्रहण करने का फैसला लिया है। अधिकारियों के मुताबिक टी-सीरीज कंपनी के कब्जे वाली जमीन में से सड़क परियोजना के लिए जरूरी 19.8 हेक्टेयर जमीन का ही अनिवार्य अधिग्रहण किया जाएगा।
बताया गया है कि टी-सीरीज के पास इस क्षेत्र में करीब 200 एकड़ जमीन है। इसमें से परियोजना के लिए आवश्यक हिस्से का अनिवार्य अधिग्रहण प्रस्तावित है, जबकि शेष जमीन आवश्यकता के अनुसार सहमति के आधार पर ही ली जाएगी।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जिला प्रशासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद अधूरी सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। सड़क पूरी होने से यातायात दोनों तरफ सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।
परियोजना पूरी होने पर एक लाख से अधिक लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से नॉलेज पार्क-1, नॉलेज पार्क-2 और नॉलेज पार्क-3 समेत आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा नोएडा के कई सेक्टरों से ग्रेटर नोएडा के शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।


