EPF Enrollment Scheme 2025: संविदा और आकस्मिक कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाने की पहल, ईपीएफओ ने शुरू की कर्मचारी नामांकन योजना 2025

EPF Enrollment Scheme 2025: संविदा और आकस्मिक कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में लाने की पहल, ईपीएफओ ने शुरू की कर्मचारी नामांकन योजना 2025
नई दिल्ली, 18 दिसंबर। संविदा और आकस्मिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने बड़ा कदम उठाया है। ‘सभी के लिए सामाजिक सुरक्षा’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए ईपीएफओ ने कर्मचारी नामांकन योजना (ईईएस)-2025 की शुरुआत की है। इस विशेष एकमुश्त सुविधा का उद्देश्य उन कर्मचारियों को ईपीएफ ढांचे में शामिल करना है, जो अब तक विभिन्न कारणों से इससे वंचित रह गए थे, साथ ही नियोक्ताओं के लिए पुराने गैर-अनुपालन मामलों को सरल और नियोक्ता-अनुकूल तरीके से नियमित करना है।
ईपीएफओ ने इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए देशभर में एक व्यापक जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। इसके तहत नियोक्ताओं को योजना के लाभ और प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है और विभिन्न सरकारी अधिकारियों के माध्यम से भी संविदा एवं आकस्मिक कर्मचारियों को ईपीएफ के अंतर्गत लाने के लिए संपर्क किया जा रहा है। ईईएस-2025 के अंतर्गत नियोक्ताओं को नवंबर 2025 से शुरू होने वाली छह महीने की विशेष अनुपालन अवधि का अवसर मिलेगा, जिसमें वे 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच ईपीएफ कवरेज से बाहर रह गए पात्र कर्मचारियों को स्वेच्छा से नामांकित कर सकेंगे।
इस योजना की खास बात यह है कि जिन मामलों में पहले कर्मचारियों के अंशदान नहीं काटे गए थे, वहां नियोक्ताओं को केवल नियोक्ता अंशदान, धारा 7क्यू के तहत ब्याज, लागू प्रशासनिक शुल्क और अधिकतम 100 रुपये की एकमुश्त दंडात्मक राशि का भुगतान करना होगा। इतना करने पर ईपीएफओ की तीनों योजनाओं के अंतर्गत इसे पूर्ण अनुपालन माना जाएगा। इसके अलावा, जिन प्रतिष्ठानों पर वर्तमान में मूल्यांकन जांच चल रही है, वे भी इस योजना के तहत पात्र होंगे।
ईपीएफ अधिनियम के अंतर्गत अब तक शामिल न किए गए प्रतिष्ठानों को भी इस अभियान के दौरान कवरेज के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया है, ताकि वे अपने पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में ला सकें। साथ ही, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ भी ईईएस-2025 की शर्तों के अधीन पात्र रहेंगे।
ईपीएफओ ने सभी नियोक्ताओं से अपील की है कि वे इस एक बार मिलने वाले समयबद्ध अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में योगदान दें। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि चिन्हित चूक करने वाले नियोक्ताओं से एसएमएस और ईमेल के माध्यम से सीधे संपर्क किया जाएगा और उन्हें ईईएस-2025 की छूट का लाभ लेकर अपनी अनियमितताओं को नियमित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह पहल न केवल कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करेगी, बल्कि देश में सामाजिक सुरक्षा के दायरे को भी व्यापक बनाएगी।
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