E-Rickshaw Theft: दादरी पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, दो शातिर बदमाश गिरफ्तार

E-Rickshaw Theft: दादरी पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, दो शातिर बदमाश गिरफ्तार
नोएडा के दादरी थाना पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी के दो ई-रिक्शा, एक ई-रिक्शा का चेसिस तथा दो अवैध चाकू बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने दादरी और गाजियाबाद से कई ई-रिक्शा चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब उनके पूरे आपराधिक नेटवर्क की जांच में जुटी है।
थाना दादरी के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि सोमवार को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जारचा अंडरपास से बाईपास की ओर जाने वाले रास्ते पर कार्रवाई की। इस दौरान दो आरोपियों, नीटू और सोनू भारती को गिरफ्तार किया गया। तलाशी और पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर चोरी के दो ई-रिक्शा, एक ई-रिक्शा का चेसिस तथा दोनों के पास से एक-एक अवैध चाकू बरामद किया गया।
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मिलकर तीन ई-रिक्शा चोरी किए थे। इनमें दो ई-रिक्शा दादरी की नवीन मंडी के पास से और एक गाजियाबाद से चोरी किया गया था। आरोपियों ने बताया कि गाजियाबाद से चोरी किए गए ई-रिक्शे के पहिए, बैटरी और अन्य पुर्जे राह चलते लोगों को बेच दिए थे, जबकि उससे मिली रकम आपस में बांटकर खर्च कर दी। बाद में ई-रिक्शे का चेसिस झाड़ियों में छिपा दिया गया था, जिसे पुलिस ने उनकी निशानदेही पर बरामद कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी नीटू, वर्तमान निवासी बेहटा हाजीपुर, लोनी बॉर्डर (गाजियाबाद) तथा बुलंदशहर निवासी सोनू भारती, वर्तमान निवासी बेहटा हाजीपुर, लोनी बॉर्डर (गाजियाबाद) के रूप में हुई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में चोरी, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों अन्य जिलों में हुई ई-रिक्शा चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहे हैं या नहीं।
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। बरामद ई-रिक्शा उनके असली मालिकों को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। साथ ही आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चोरी के अन्य वाहनों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।





