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Dog Bite Cases: देश में आवारा कुत्तों का बढ़ता खतरा, 2024 में 37 लाख से ज्यादा लोग बने शिकार

Dog Bite Cases: देश में आवारा कुत्तों का बढ़ता खतरा, 2024 में 37 लाख से ज्यादा लोग बने शिकार

नई दिल्ली, 19 मई : देश में आवारा कुत्तों के हमले अब गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बनते जा रहे हैं। केंद्र सरकार के Ministry of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में देशभर में कुत्तों के काटने के 37,17,336 मामले दर्ज किए गए। यानी औसतन हर दिन 10 हजार से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार हुए। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें 15 वर्ष से कम उम्र के करीब 5.19 लाख बच्चे शामिल थे। इसी अवधि में रेबीज के कारण 54 संदिग्ध मौतों के मामले भी सामने आए।

राष्ट्रीय राजधानी Delhi में हालात और ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में दिल्ली में 68,090 डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए, जबकि जनवरी से जून 2025 के बीच ही 35,198 पशु काटने के मामले सामने आ चुके हैं। सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरी में रोजाना बड़ी संख्या में लोग एंटी-रेबीज टीका लगवाने पहुंच रहे हैं।

देश में सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में Maharashtra, Tamil Nadu, Gujarat, Karnataka और Bihar शामिल हैं। महाराष्ट्र में 4.85 लाख, तमिलनाडु में 4.80 लाख, गुजरात में 3.92 लाख, कर्नाटक में 3.61 लाख और बिहार में 2.63 लाख डॉग बाइट के मामले दर्ज किए गए।

Municipal Corporation of Delhi ने बताया कि वर्ष 2025 के पहले छह महीनों में लगभग 65 हजार आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण किया गया है। निगम के मुताबिक पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) कार्यक्रम और टीकाकरण अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। नागरिक आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायतों या डॉग बाइट की घटनाओं की सूचना एमसीडी हेल्पलाइन 155305 पर दे सकते हैं।

बढ़ते हमलों को देखते हुए Supreme Court of India ने भी सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से आक्रामक आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम में रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

जस्टिस Vikram Nath, Sandeep Mehta और N. V. Anjaria की पीठ ने भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की एसओपी को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों जैसे अस्पताल, स्कूल, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, खेल परिसर और एयरपोर्ट से पकड़े गए कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद दोबारा वहीं नहीं छोड़ा जाएगा। ऐसे कुत्तों को स्थायी रूप से शेल्टर होम में रखा जाएगा।

कोर्ट ने सभी राज्यों और नगर निकायों को हर जिले में कम से कम एक पशु जन्म नियंत्रण केंद्र स्थापित करने, एंटी-रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आदेशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर अवमानना कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।

एमसीडी के सूचना एवं प्रचार विभाग के निदेशक Anil Kumar ने कहा कि निगम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करेगा और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि डॉग बाइट की स्थिति में घाव को तुरंत साबुन और पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोना चाहिए और बिना देरी निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। उनका कहना है कि समय पर उपचार मिलने से रेबीज जैसी घातक बीमारी को पूरी तरह रोका जा सकता है।

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