डिजिटल अरेस्ट करने वाले गैंग का पर्दाफाश, जयपुर से तीन गिरफ्तार

अमर सैनी
नोएडा। नोएडा में एक रिटायर्ड मेजर जनरल को डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ रुपये ऐंठे गए थे। इस मामले में जांच कर रही नोएडा की थाना साइबर क्राइम पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने फर्जी डीसीपी राजपूत बनकर पीड़ित को पहले स्काई ऐप डाउनलोड कराया। फिरवीडियो काल करके डिजिटल कस्टडी में लेकर पैसा ऐंठ लिया।
साइबर क्राइम डीसीपी प्रीति यादव ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस ने शुक्रवार को डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ रुपये की ठगी मामले में तीन आरोपियों को जयपुर से गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की पहचान कानाराम गुर्जर निवासी जयपुर, ललित कुमार और सचिन कुमार निवासी अलवर के रूप में हुई है। इन आरोपियों ने नोएडा के थाना सेक्टर-20 क्षेत्र के सेक्टर-31 में रहने वाले रिटायर्ड मेजर जनरल एनके धीर को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 2 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे। पीड़ित ने 27 अगस्त 2024 को थाना साइबर क्राइम में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है।

सिनीयर सिटीजन रहते थे निशाने पर
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह अपने अन्य लोगों के साथ मिलकर सिनीयर सिटीजन या रिटायर्ड अधिकारी को कॉल करते थे। फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर स्काइप काल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट कर समझौता कराने के नाम पर फ्रॉड करते थे। आरोपी अब तक सैकड़ों लोगों के साथ इस तरह ठगी कर चुके हैं।

मुम्बई पुलिस ने गैंग के मास्टमाइंड को दबोचा
ठगी की रकम को जनपद जयपुर, जोधपुर के अधिकतर पीजी में तैयारी कर रहे छात्रों और रेस्टोरेन्ट आदि पर कार्य करने वाले व्यक्तियों से सम्पर्क कर उन्हे कमीशन के नाम पर पैसा देते थे। इस गैंग के सरगना यानी मास्टरमाइंड को राजकुमार पुत्र गोपाल सिंह निवासी अलवर को मुम्बई पुलिस द्वारा 2 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया है जिसके सम्बन्ध मे जानकारी की जा रही है।

बैंक खातों की हो रही जांच
आरोपी सचिन से पूछताछ के दौरान पाया गया है कि उसके द्वारा जो खाते उपलब्ध कराए गए हैं। उनके खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर कुल 76 (तमिलनाडू-08, कर्नाटक-20, महराष्ट-13, तेलंगाना-07, आन्ध प्रदेश-05, दिल्ली-03, ,हरियाणा-03, पश्चिम बंगाल-03, गुजरात-02, झारखंड-02, केरल-02, उडीसा-2, राजस्थान-2, उत्तर प्रदेश-02, छत्तीसगढ-1, उत्तराखंड-01,) शिकायतों का होना पाया गया है। जिसकी जांच की जा रही है।

नोट- साइबर जागरूकता सुझाव बिन्दु
1- डिजिटल अरेस्ट- पुलिस किसी को भी फोन काल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है ।
2- आरबीआई या किसी अन्य संस्था द्वारा फिजिकल मनी का आपके खाते से सत्यापन नहीं किया जाता है ।
3- ऐसा कोई सरकारी बैंक खाता या आरबीआई का SSA (Secret supervision account) खाता नहीं है जिसमें आपसे पैसे ट्रांसफर कराकर उस पैसे की जांच की जाती हो ।
4- इस तरह से सीबीआई अधिकारी, साइबर अधिकारी, आरबीआई या किसी अन्य संस्था का अधिकारी बनकर आपके पास फोन काल/ इंटरनेट skype/ zoom/ विडियो काल आती है और जाँच के नाम पर पैसे को ट्रांसफर किए जाने के लिए कहा जाता है या मनीलांड्रिग के केस का भय दिखाया जाता है तो तत्काल अपने निकटवर्ती थाना से संपर्क करें। साथ ही साइबर हेल्प लाईन नंबर 1930 पर काल करें www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत तत्काल दर्ज कराएं।

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