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Women Safety Delhi: जनकपुरी में ‘सशक्ति’ सेल्फ-डिफेंस कार्यक्रम का भव्य समापन, महिला सुरक्षा को मिली नई दिशा

Women Safety Delhi: जनकपुरी में ‘सशक्ति’ सेल्फ-डिफेंस कार्यक्रम का भव्य समापन, महिला सुरक्षा को मिली नई दिशा

रिपोर्ट: तीर्थांकर सरकार

महिला सुरक्षा को सशक्त बनाने और छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस द्वारा सर्वोदय कन्या विद्यालय, जनकपुरी में आयोजित सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग कार्यक्रम “सशक्ति” का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। यह विद्यालय थाना मायापुरी क्षेत्र के अंतर्गत आता है। समापन समारोह में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसीपी श्री शिवम (IPS), पंजाबी बाग मौजूद रहे। उनके साथ थाना मायापुरी के SHO निरीक्षक महिंदर लाल भी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम DCP पश्चिमी जिला श्री दरादे शरद भास्कर के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल और कॉलेज की छात्राओं को न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाना था। इस दौरान छात्राओं को रोजमर्रा की जिंदगी में सार्वजनिक स्थानों पर आने वाली चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से सुरक्षित रहने की व्यावहारिक तकनीकें सिखाई गईं। इसमें ऐसे हालात शामिल थे जहाँ कोई व्यक्ति पीछे से पकड़ने का प्रयास करे, पर्स या सामान छीनने की कोशिश करे, या बस व बाजार जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर लड़कियों को असहज स्थिति में डालने की कोशिश करे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “सशक्ति” कार्यक्रम के तहत छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक अभ्यास के साथ-साथ मानसिक तैयारी की ट्रेनिंग भी दी जाती है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में वे आत्मविश्वास के साथ स्थिति का सामना कर सकें और जरूरत पड़ने पर तुरंत उचित कदम उठा सकें।

बीते वर्ष इस पहल के माध्यम से लगभग 28,500 छात्राओं को सेल्फ-डिफेंस की प्रशिक्षण दी जा चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मूल लक्ष्य यह है कि छात्राएं किसी भी परिस्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर होकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर डीसीपी पश्चिमी जिला श्री दरादे शरद भास्कर ने कहा, “सशक्ति कार्यक्रम सिर्फ प्रशिक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी लड़कियों को आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम चाहते हैं कि हर लड़की अपने अधिकार और अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक हो और समाज में महिला सुरक्षा के सकारात्मक संदेश को फैलाने में मदद करे।”

इस पहल के तहत छात्राओं को न केवल शारीरिक तकनीकें सिखाई जाती हैं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी तैयार किया जाता है ताकि वे किसी भी स्थिति में साहस और समझदारी के साथ निर्णय ले सकें। कार्यक्रम का समापन समारोह इस बात का प्रमाण है कि पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस लगातार महिलाओं और छात्राओं के लिए सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में गंभीर और निरंतर प्रयास कर रही है।

यह पहल समाज में महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लड़कियों में आत्मविश्वास, साहस और निडरता का संचार भी करती है। “सशक्ति” कार्यक्रम का प्रभाव न केवल स्कूल और कॉलेज स्तर पर दिखाई दे रहा है, बल्कि यह समाज में महिला सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश भी भेज रहा है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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