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Republic Day Celebration Delhi: दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग में धूमधाम से मनाया गया गणतंत्र दिवस, संविधान के मूल्यों को किया गया नमन

Republic Day Celebration Delhi: दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग में धूमधाम से मनाया गया गणतंत्र दिवस, संविधान के मूल्यों को किया गया नमन

रिपोर्ट: अजीत कुमार

दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग परिसर में गणतंत्र दिवस का आयोजन पूरे उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। इस अवसर पर दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन श्री संजय गहलोत ने ध्वजारोहण किया, जिसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। कार्यक्रम में आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और सफाई कर्मचारी यूनियनों के कई सम्मानित प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

गणतंत्र दिवस समारोह में डिप्टी सेक्रेटरी राजन भटनागर, प्राइवेट सेक्रेटरी रिचा अरोड़ा, सीनियर असिस्टेंट मुकेश कुमार सहित आयोग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके साथ ही सफाई कर्मचारी यूनियनों से जुड़े प्रमुख नेता डॉ. प्रमोद मेहरौलिया, राजेश गांधी, बिजेंद्र गहलोत, कमलेश बानीवाल, कुलदीप चिंदालिया, दयानंद टांक, रजनीश हांडा, धर्मेंद्र सूद और एडवोकेट रविंदर सिंह ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

ध्वजारोहण के बाद चेयरमैन संजय गहलोत ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने 26 जनवरी 1950 के ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए कहा कि इसी दिन भारत ने अपना संविधान अपनाया और एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना। उन्होंने संविधान के मूल्यों, समानता और सामाजिक न्याय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी समाज की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

अपने संबोधन में चेयरमैन ने देश के सभी नागरिकों की भलाई, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है और संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारियों को भी निभाने का संदेश देता है।

कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने वंदे मातरम और राष्ट्रगीत गाया, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया। इसके बाद वंदे मातरम के इतिहास और उसके महत्व पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसे सभी ने ध्यानपूर्वक देखा और तालियों के साथ सराहा। यह आयोजन न केवल एक औपचारिक समारोह रहा, बल्कि संविधान, राष्ट्र और सामाजिक एकता के प्रति समर्पण को दर्शाने वाला प्रेरणादायक अवसर भी साबित हुआ।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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