Lok Nayak Hospital : लोकनायक अस्पताल बना देश का पहला 2000-बेड वाला NQAS प्रमाणित सरकारी अस्पताल, स्वास्थ्य व्यवस्था में रचा इतिहास
राजधानी दिल्ली स्थित Lok Nayak Hospital ने देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में नया इतिहास रच दिया है। लोकनायक अस्पताल अब भारत का पहला 2000-बेड वाला सरकारी अस्पताल बन गया है, जिसे केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन प्रदान किया गया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अस्पताल ने भारी मरीज भार, सीमित संसाधनों और लगातार बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच गुणवत्ता और सेवा के उच्च मानकों को बनाए रखा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रमाणन सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बनी धारणाओं को बदलने वाला कदम साबित हो सकता है।
अस्पताल ने मरीज सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, क्लीनिकल सेवाओं, मरीज अधिकार, स्वच्छता और मरीजों की गरिमा समेत करीब 100 से अधिक गुणवत्ता मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अधिकांश पैरामीटर में अस्पताल को 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त हुए हैं।
Dr B L Chaudhary ने इस उपलब्धि का श्रेय डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्यकर्मियों, सफाई कर्मचारियों और सुरक्षा स्टाफ समेत पूरे अस्पताल परिवार के सामूहिक प्रयासों को दिया। प्रमाणन की घोषणा के बाद अस्पताल परिसर में खुशी का माहौल रहा और कर्मचारियों के बीच करीब 80 किलो लड्डू बांटे गए।
पिछले कुछ वर्षों में अस्पताल प्रशासन ने कई बड़े सुधार लागू किए थे। इनमें डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था, वैज्ञानिक सफाई प्रणाली, संक्रमण नियंत्रण प्रशिक्षण, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और मरीज-केंद्रित प्रशासनिक सुधार शामिल हैं।
अस्पताल को NQAS प्रमाणन मिलने के बाद अब प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन राशि मिलने की संभावना है। इस राशि का उपयोग अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाने में किया जाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोकनायक अस्पताल की इस सफलता को देशभर के सरकारी अस्पतालों के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया है। उनका मानना है कि यदि इसी तरह गुणवत्ता सुधार पर ध्यान दिया जाए तो सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।


