CBSE 12th Result: सीबीएसई ने छात्रों को दी बड़ी राहत, अब सिर्फ 100 रुपये में देख सकेंगे कॉपी

CBSE 12th Result: सीबीएसई ने छात्रों को दी बड़ी राहत, अब सिर्फ 100 रुपये में देख सकेंगे कॉपी

Central Board of Secondary Education ने 12वीं की ऑन-स्क्रीन मार्किंग को लेकर उठे विवाद के बीच छात्रों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी देखने के शुल्क में भारी कटौती कर दी है। अब छात्र केवल 100 रुपये में अपनी उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त कर सकेंगे, जबकि पहले इसके लिए 700 रुपये शुल्क देना पड़ता था। इसके साथ ही किसी प्रश्न की दोबारा जांच कराने के लिए प्रति प्रश्न 25 रुपये फीस निर्धारित की गई है।

हाल ही में सीबीएसई 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर सवाल उठाए थे। छात्रों का कहना था कि उन्हें उम्मीद से काफी कम अंक मिले हैं, जिससे उन्हें जेईई मेन के 75 प्रतिशत पात्रता मानदंड को पूरा करने में परेशानी हो रही है। कई छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी खामियों की वजह से उनके अंक प्रभावित हुए हैं।

शिक्षकों ने भी ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में कई तकनीकी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया था। कुछ शिक्षकों ने स्कैनिंग के दौरान उत्तरपुस्तिकाओं की लिखावट धुंधली होने, सर्वर की समस्या और उत्तरों को ठीक से पढ़ने में दिक्कत आने जैसी शिकायतें की थीं। इन मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया और शिक्षा जगत में लगातार चर्चा हो रही थी।

सीबीएसई ने अब री-चेकिंग प्रक्रिया को दो चरणों में बांट दिया है। पहले चरण में छात्र अपनी उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद दूसरे चरण में छात्र उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन या किसी प्रकार की त्रुटि के सत्यापन के लिए आवेदन कर पाएंगे। बोर्ड का कहना है कि इस नई प्रक्रिया से छात्रों को अधिक पारदर्शिता मिलेगी और उनके संदेह भी दूर होंगे।

Vanasthali Public School की प्रधानाचार्य सना जैन ने बोर्ड के इस फैसले को छात्रों के हित में बताया। वहीं Ryan Public School की प्रधानाचार्य सुधा सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था से छात्रों और अभिभावकों का विश्वास बढ़ेगा और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता आएगी।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कम शुल्क होने से अब अधिक छात्र अपनी कॉपियों की जांच करवा सकेंगे और यदि किसी प्रकार की गलती हुई है तो उसे समय रहते सुधारा जा सकेगा। इससे बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

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