Bike Theft Gang: नोएडा में वाहन चोरी करने वाले तीन शातिर बदमाश गिरफ्तार, चोरी की तीन बाइक बरामद
नोएडा। फेज-तीन थाना पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में दोपहिया वाहन चोरी करने वाले गिरोह के तीन कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से चोरी की गई तीन मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी बाइक चोरी करने के बाद उन्हें दूसरे जिलों में ले जाकर कम कीमत पर बेच देते थे और उससे मिलने वाली रकम मौज-मस्ती में खर्च करते थे।
सेंट्रल नोएडा जोन के एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार देर रात फेज-तीन थाना पुलिस की टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सेक्टर-71 स्थित जागृति अपार्टमेंट के पीछे सर्विस रोड पर एक बाइक पर सवार तीन संदिग्ध युवक दिखाई दिए।
पुलिस टीम ने तीनों को रोककर हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस बाइक पर आरोपी सवार थे, वह चोरी की थी। इसके बाद आरोपियों से गहन पूछताछ की गई तो कथित वाहन चोरी की अन्य घटनाओं की जानकारी सामने आई।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर दो अन्य मोटरसाइकिल भी बरामद की गईं। जांच में तीनों बाइक अलग-अलग स्थानों से चोरी की पाई गईं। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सेक्टर-63 के बहलोलपुर गांव निवासी निखिल यादव, हापुड़ के सिंभावली निवासी दीपांशु कुमार और बिहार के शिवहर जिले के बेलवा घाट निवासी विक्की सैनी के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी करते थे। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर खड़ी दोपहिया गाड़ियों को निशाना बनाया जाता था और मौका मिलते ही बाइक चोरी कर वहां से निकल जाते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी की बाइक को तुरंत बेचने के बजाय कुछ समय तक अपने पास रखते थे। जब कई मोटरसाइकिल इकट्ठी हो जाती थीं तो उन्हें एक साथ दिल्ली-एनसीआर से बाहर दूसरे जिलों में ले जाया जाता था।
आरोप है कि दूसरे जिलों में पहुंचने के बाद आरोपी लोगों को अपनी मजबूरी बताकर चोरी की मोटरसाइकिल बेहद कम कीमत पर बेच देते थे। कम कीमत होने के कारण उन्हें खरीदार आसानी से मिल जाते थे। इसके बाद तीनों बिक्री से प्राप्त रकम को आपस में इस्तेमाल करते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बाइक बेचकर मिलने वाले रुपयों को वे अपनी मौज-मस्ती पर खर्च करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने दिल्ली-एनसीआर में कितनी वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया और अब तक कितनी चोरी की बाइक बेची जा चुकी हैं।
पुलिस आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की मोटरसाइकिल खरीदने वालों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। बरामद तीनों मोटरसाइकिलों से संबंधित मामलों की जानकारी एकत्र कर उनके वास्तविक मालिकों का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। इसके साथ ही उनके आपराधिक इतिहास और दिल्ली-एनसीआर में हुई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।


