Balram Purnima: नोएडा के मंदिरों में गूंजा हरिनाम संकीर्तन, कृष्ण-बलराम का हुआ भव्य अभिषेक
नोएडा। भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम के जन्मोत्सव बलराम पूर्णिमा पर शुक्रवार को नोएडा के विभिन्न मंदिरों में भक्ति और श्रद्धा का माहौल रहा। मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी और हरिनाम संकीर्तन के साथ भगवान कृष्ण और बलराम की विशेष पूजा-अर्चना की गई। कई मंदिरों में अभिषेक, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ।
सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर में बलराम पूर्णिमा को लेकर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। भगवान कृष्ण-बलराम का दूध, दही, शहद, घी, फलों के रस और पुष्पों से विधि-विधान के साथ अभिषेक किया गया। अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर हरिनाम संकीर्तन और भगवान के जयकारों से गूंजता रहा।
बलराम पूर्णिमा के उपलक्ष्य में भगवान कृष्ण-बलराम को नए वस्त्र पहनाए गए और विशेष शृंगार किया गया। मंदिर में भगवान को 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
इस्कॉन मंदिर में आयोजित उत्सव में 1,500 से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में परिवार भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मंदिर परिसर में मटकी फोड़ उत्सव का भी आयोजन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया। धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
वहीं, सेक्टर-121 स्थित जगन्नाथ मंदिर में बलराम पूर्णिमा और रक्षाबंधन का पर्व एक साथ मनाया गया। झूलन यात्रा के समापन के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलराम और माता सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
मंदिर में वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा के अनुसार माता सुभद्रा ने भगवान बलराम को राखी बांधी। इस विशेष परंपरा को मंदिर के कपाट बंद करके निभाया गया। जगन्नाथ समिति के सदस्य प्रमोद बहल ने बताया कि रक्षाबंधन पर माता सुभद्रा द्वारा भगवान बलराम को राखी बांधने की परंपरा मंदिर में विशेष धार्मिक विधि के साथ पूरी की जाती है।
अनुष्ठान पूरा होने के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। भक्तों ने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलराम और माता सुभद्रा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
बलराम पूर्णिमा को लेकर शहर के मंदिरों में दिनभर धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं। हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन, अभिषेक और विशेष शृंगार के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान बलराम का जन्मोत्सव उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया।


