
New Delhi : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है तथा कहीं भी किसी प्रकार की कमी नहीं है। मंत्रालय के अनुसार सभी खुदरा ईंधन केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल, डीजल और गैस उपलब्ध है और वितरण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के जारी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं से गुमराह न हों, क्योंकि इनका उद्देश्य केवल अनावश्यक दहशत फैलाना है।
मंत्रालय ने बताया कि भारत ऊर्जा सुरक्षा के मामले में मजबूत स्थिति में है और विश्व के प्रमुख पेट्रोलियम शोधक तथा निर्यातकों में शामिल है। देशभर में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और कहीं भी आपूर्ति सीमित नहीं की गई है। कुछ स्थानों पर घबराहट में ईंधन खरीदने की घटनाएं सामने आई थीं, जो सोशल मीडिया पर फैलाए गए भ्रामक वीडियो का परिणाम थीं, लेकिन इसके बावजूद सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराया गया और आपूर्ति बनाए रखने के लिए डिपो लगातार सक्रिय रहे।
कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई गई है। भारत को 40 से अधिक देशों से पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल मिल रहा है और सभी रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता से अधिक पर काम कर रही हैं। आने वाले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे किसी प्रकार की कमी की आशंका नहीं है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का कुल भंडार पर्याप्त है। वर्तमान में लगभग 60 दिनों की आपूर्ति उपलब्ध है, जबकि कुल भंडारण क्षमता 74 दिनों की है। ऐसे में भंडार समाप्त होने या कमी होने के दावे पूरी तरह निराधार हैं और इन्हें सिरे से खारिज किया गया है।
एलपीजी की उपलब्धता को लेकर भी मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि घरेलू उत्पादन में वृद्धि के कारण आयात पर निर्भरता कम हुई है। देश में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में गैस का उत्पादन हो रहा है और विभिन्न देशों से अतिरिक्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई है। तेल कंपनियां प्रतिदिन लाखों सिलेंडरों की आपूर्ति कर रही हैं और हाल में घबराहट के कारण बढ़ी मांग अब सामान्य स्तर पर लौट आई है।
प्राकृतिक गैस पाइपलाइन यानी पीएनजी को बढ़ावा देने की प्रक्रिया को लेकर भी मंत्रालय ने कहा कि यह कोई आपातकालीन कदम नहीं, बल्कि दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है। देश में पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़े हैं और यह एलपीजी की तुलना में सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प है।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों और वीडियो पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ तत्व जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर लोगों में भ्रम और भय पैदा कर रहे हैं। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें।



