Airport Waterlogging: नोएडा एयरपोर्ट में जलभराव पर नायल सख्त, यापल से मांगी रिपोर्ट; समाधान की योजना भी बतानी होगी
नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार से पार्किंग क्षेत्र तक बारिश का पानी भरने के मामले में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) ने सख्त रुख अपनाया है। नायल ने एयरपोर्ट का निर्माण करने वाली कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (यापल) से जलभराव के कारणों की रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी समाधान की योजना भी प्रस्तुत करने को कहा गया है।
मंगलवार को हुई भारी बारिश के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन और पार्किंग को जोड़ने वाले प्रवेश मार्ग पर पानी भर गया था। यह मार्ग घरेलू टर्मिनल को सीधे पार्किंग क्षेत्र से जोड़ता है। एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार पर जलभराव के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे।
नोएडा एयरपोर्ट का पहला चरण करीब 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया गया है। इसमें 3,900 मीटर लंबा रनवे, टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर और कार्गो हब जैसी सुविधाएं शामिल हैं। टर्मिनल भवन का डिजाइन विशेष वास्तुशिल्प अवधारणा पर तैयार किया गया है और इसका प्रवेश द्वार बनारस के घाटों की तर्ज पर विकसित किया गया है।
मंगलवार की बारिश के दौरान इसी प्रवेश मार्ग पर पानी भर गया था। नायल के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने यापल से मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में जलभराव के वास्तविक कारण, जल निकासी व्यवस्था की स्थिति और भविष्य में पानी जमा न हो इसके लिए किए जाने वाले स्थायी उपायों का ब्योरा देने को कहा गया है।
प्रदेश सरकार की ओर से भी मंगलवार रात इस मामले में बयान जारी किया गया। सरकार ने बताया कि भारी बारिश के बाद टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क पर कुछ समय के लिए जलभराव हुआ था। एयरपोर्ट की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 30 मिनट के भीतर पानी की निकासी सुनिश्चित कर दी, जिसके बाद मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया।
एयरपोर्ट में जलभराव को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बुधवार को एक्स पर जलभराव का वीडियो साझा करते हुए सरकार पर टिप्पणी की और एयरपोर्ट की व्यवस्था पर सवाल उठाए।
वहीं, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने बुधवार को जलभराव वाले स्थान का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से जल निकासी व्यवस्था की जानकारी ली और कमियों को दूर करने के साथ स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जेवर में हो रहे विकास को नजरअंदाज कर केवल गड्ढों और जलभराव को मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, विश्वस्तरीय सड़कें, औद्योगिक निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी क्षेत्र में हो रहे विकास का हिस्सा हैं।
अब नायल की रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि एयरपोर्ट के प्रवेश और पार्किंग क्षेत्र में जलभराव किन कारणों से हुआ और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए क्या स्थायी कदम उठाए जाएंगे।

