Sonam Wangchuk: CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे सोनम वांगचुक, बोले- राजनीति के अलावा भी दुनिया में कई समस्याएं; लद्दाख में करेंगे अहम काम
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और जलवायु विशेषज्ञ सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वह 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले Cockroach Janta Party (CJP) के नियोजित प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के संबंध में आयोजित इस प्रदर्शन को वांगचुक ने समर्थन दिया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में लद्दाख में उनकी मौजूदगी ज्यादा जरूरी है। उन्होंने युवाओं और प्रदर्शन के आयोजकों से एकजुट रहने तथा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है।
वांगचुक ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी संदेश में जानकारी दी कि वह और उनकी टीम लद्दाख में सर्दियों की तैयारियों में जुटे हैं। उनकी टीम कृत्रिम ग्लेशियर बनाने और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी हिमनदीय झीलों के फटने से आने वाली बाढ़ के खतरे को कम करने के उद्देश्य से वैज्ञानिक प्रयोग कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमालयी क्षेत्र में मौजूद ग्लेशियल झीलें भविष्य में गंभीर आपदा का कारण बन सकती हैं, इसलिए इन खतरों से निपटने के उद्देश्य से पहले से तैयारी करना जरूरी है।
अपने संदेश में वांगचुक ने उर्दू के मशहूर शायर फैज अहमद फैज की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि दुनिया में राजनीति के अलावा भी कई समस्याएं हैं। उनका कहना था कि देश के सामने राजनीतिक चुनौतियां महत्वपूर्ण हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं से लोगों की सुरक्षा करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने जानकारी दी कि लद्दाख में उनकी टीम पानी की सुरक्षा और हिमनदीय झीलों से पैदा होने वाले खतरों को कम करने के उपायों पर काम कर रही है।
वांगचुक ने CJP के आंदोलन में अपनी भूमिका का जिक्र करते हुए खुद की तुलना एक माचिस की तीली से की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब चूल्हा जलाना होता है, तब माचिस की जरूरत पड़ती है, लेकिन आग जलने के पश्चात खाना पकाने का काम आगे बढ़ता है। उनके अनुसार, उन्होंने पहले आंदोलन के शुरुआती दौर में साथ दिया था और इसके बाद उन्हें उम्मीद है कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से काफी संख्या में लोग आगे आएंगे।
उन्होंने CJP के नेताओं और प्रदर्शन में शामिल होने वाले युवाओं से एकजुट रहने की अपील की। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग समूहों के नेताओं को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर साथ काम करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रास्ता न अपनाएं और महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत का पालन करें।
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शन का संबंध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के संबंध में विपक्ष और कुछ संगठनों की ओर से लगाए गए कथित अनियमितताओं के आरोपों से भी है। आंदोलन के आयोजकों की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय करना और उनके इस्तीफे की मांग उठाना है। इसके बावजूद, दिल्ली पुलिस की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत पर्याप्त समय पहले आवेदन नहीं दिए जाने और पिछले प्रदर्शन के दौरान नियमों के पालन के संबंध में सवाल उठाते हुए इस बार प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा इंतजाम भी कड़ी की गई है। पुलिस की ओर से कानून और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अतिरिक्त इंतजाम किए हैं और कुछ क्षेत्रों में यातायात तथा सार्वजनिक परिवहन के संबंध में प्रतिबंध लगाए गए हैं। CJP के आयोजकों ने हालांकि प्रदर्शन के संबंध में अपनी तैयारी जारी रखने की बात कही है।
वांगचुक के इस बयान से साफ है कि वह आंदोलन के उद्देश्य का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन इस बार दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे। उन्होंने लद्दाख में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के अपने काम को प्राथमिकता देते हुए आंदोलनकारियों को शांतिपूर्ण और एकजुट रहने का संदेश दिया है।


