Mathura : मथुरा के गोवर्धन में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गिरि तलहटी में अलौकिक छप्पन भोग महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस महोत्सव को लेकर पूरे गिरिराज परिक्रमा मार्ग को हरी-भरी सजावट और रंग-बिरंगी लाइटों से दुल्हन की तरह सजाया गया।

इस बार छप्पन भोग महोत्सव में गिरिराज महाराज सप्त रत्नों से जड़े चांदी के कमल पुष्प और शेषनाग के फन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। पंडित शरद मुखिया ने प्रभु का राजाधिराज स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया। भगवान को हीरा, मोती, नीलम, पन्ना, पुखराज और गोमेद जैसे नवरत्नों से सुसज्जित पोशाक के साथ हीरा जड़ी बांसुरी धारण कराई गई।
महोत्सव के दौरान गाय के शुद्ध देशी घी से तैयार 21 हजार किलो महाप्रसाद गिरिराज जी को अर्पित किया गया, जिसमें सोने-चांदी के वर्क से सजे विशेष व्यंजन शामिल रहे। महोत्सव की पूर्व संध्या पर गिरिराज जी का पंचरत्न महाअभिषेक किया गया। आचार्यों ने यमुना, गंगा, गोदावरी, ब्रह्मपुत्र, चिनाब, कृष्णा और अलकनंदा जैसी सात पवित्र नदियों के जल, दूध, दही, शहद और दिव्य जड़ी-बूटियों से मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक संपन्न कराया।
शास्त्रीय संगीत की मधुर स्वर लहरियों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाआरती में भाग लेकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर श्री गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने पंचामृत और पंचरत्न अभिषेक कराया। कार्यक्रम में मुख्य यजमान अशोक कुमार आढ़ती और नीरज गोयल सहित समिति के राघवेंद्र गर्ग, अनमोल बंसल, दिनेश मंगल, राजेंद्र सर्राफ और भगवानदास खंडेलवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे।


