CJP Protest: दिल्ली पहुंचे ध्रुव राठी ने इंडिया गेट से सरकार पर साधा निशाना, बोले- राजधानी में लॉकडाउन जैसे हालात; 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने की अपील
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी राजधानी पहुंच गए हैं। राठी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के उद्देश्य से दिल्ली में लॉकडाउन जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने इंडिया गेट के पास से एक वीडियो संदेश जारी कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और लोगों से शनिवार को जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। उन्होंने मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने, ट्रेनों के रद्द होने और सुरक्षा इंतजाम कड़ी किए जाने पर सवाल उठाए।
ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राजधानी में जिस तरह के प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, उनसे ऐसा लगता है कि सरकार प्रदर्शन के संबंध में चिंतित है। राठी ने दावा किया कि देश के लोग इसके बाद जागरूक हो चुके हैं और उन्होंने समर्थकों से 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में भाग लेने की अपील की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार का मानना है कि प्रदर्शन में बहुत कम लोग शामिल होंगे, तो फिर इतनी व्यापक सुरक्षा इंतजाम क्यों की जा रही है।
Hello Delhi,
Ready for tomorrow? 💪 🇮🇳 https://t.co/KnOr3T8QcH
— Dhruv Rathee (@dhruv_rathee) October 9, 2026
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के संबंध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। विपक्षी दलों और आंदोलन से जुड़े संगठनों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के संबंध में चल रही राजनीतिक बहस से जुड़ा है। इसके बावजूद, इन आरोपों के संबंध में राजनीतिक विवाद लगातार चल रही है और जुड़े हुए पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
दिल्ली पुलिस की ओर से इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पदाधिकारियों ने कानून और व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन से जुड़ी चिंताओं का भी हवाला दिया है। पुलिस का कहना है कि आयोजकों ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन नहीं किया और पहले के प्रदर्शनों के दौरान दिए गए आश्वासनों तथा निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होने के कारण प्रदर्शन के संबंध में पुलिस की ओर से सख्त रुख अपनाया है।
नियोजित प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियों को भी दिल्ली पुलिस की सहायता के उद्देश्य से उपलब्ध कराया गया है। पुलिस की ओर से जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की है तथा कई स्थानों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं। पदाधिकारियों को संभावना जताई जा रही है कि दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों से भी काफी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच सकते हैं।
सुरक्षा इंतजाम का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से यात्रियों को यात्रा के उद्देश्य से अतिरिक्त समय रखने और गैर-जरूरी आवाजाही से बचने की सलाह दी है। दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों को बंद करने की घोषणा की गई है और नई दिल्ली तथा हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से जुड़ी कुछ ट्रेन सेवाओं को भी अस्थायी रूप से रद्द किया गया है। इसके बावजूद, ध्रुव राठी द्वारा लगाए गए लॉकडाउन जैसे हालात के आरोप उनके अपने बयान हैं; राजधानी में की गई व्यवस्थाओं को प्रशासन ने सुरक्षा और कानून और व्यवस्था से जुड़ा कदम बताया है।
CJP के प्रदर्शन को छात्र संगठनों और कुछ राजनीतिक नेताओं का भी समर्थन मिला है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी अपने परिवार के साथ प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने आंदोलन के समर्थन की घोषणा की है। ऐसे में शनिवार को राजधानी में राजनीतिक गतिविधियों और सुरक्षा इंतजाम पर सबकी नजर रहेगी।
ध्रुव राठी ने अपने संदेश में लोगों से काफी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की ओर से स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने और प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद देखना होगा कि पुलिस की सख्ती और आयोजकों की अपील के बीच 10 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन किस तौर पर आगे बढ़ता है।


