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FSSAI Action: बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट और जेमिनी एडिबल्स को नोटिस, राइस ब्रान तेल के स्वास्थ्य संबंधी दावों पर उठे सवाल

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FSSAI Action: बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट और जेमिनी एडिबल्स को नोटिस, राइस ब्रान तेल के स्वास्थ्य संबंधी दावों पर उठे सवाल

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य तेल के स्वास्थ्य लाभों के संबंध में कथित भ्रामक दावे किए जाने के मामले में बड़ी कदम उठाया है। खाद्य नियामक ने हैदराबाद स्थित जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया लिमिटेड, बिगबास्केट और फ्लिपकार्ट इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। मामला ‘फ्रीडम कुकिंग राइस ब्रान ऑयल’ के प्रचार और बिक्री से जुड़ा है। नियामक के मुताबिक, इस उत्पाद के विज्ञापनों में कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य से संबंधित ऐसे दावे किए गए, जिनकी अनुमति लागू नियमों के तहत नहीं थी। कंपनियों से पूछा गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।

FSSAI के अनुसार, इस तेल का प्रचार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा था। प्रचार सामग्री में दावा पेश किया गया था कि यह तेल खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने या बढ़ाने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त उत्पाद में ‘10,000+ PPM नेचुरल ओरिजानोल’ होने का दावा भी किया गया था। ओरिजानोल चावल की भूसी के तेल में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक यौगिक है। बहरहाल, नियामक ने साफ किया कि राइस ब्रान ऑयल के लिए लागू विज्ञापन एवं दावों संबंधी नियमों के तहत कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य से जुड़े इन दावों की अनुमति नहीं थी। इसी आधार पर संबंधित कंपनियों को नोटिस भेजे गए हैं।

इस कार्रवाई में बिगबास्केट का संचालन करने वाली कंपनी इनोवेटिव रिटेल कॉन्सेप्ट्स और फ्लिपकार्ट इंडिया भी शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म पर उत्पाद के प्रचार और बिक्री से जुड़े दावों के संबंध में नियामक ने स्पष्टीकरण मांगा है। दूसरी तरफ, जेमिनी एडिबल्स एंड फैट्स इंडिया के मामले में एक अतिरिक्त नियम संबंधी मुद्दा भी सामने आया। FSSAI के मुताबिक, कंपनी अपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए खाद्य उत्पाद बेच रही थी, लेकिन उसके पास इस गतिविधि को कवर करने वाला वैध केंद्रीय लाइसेंस दिखाई नहीं दिया। खाद्य उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए लागू लाइसेंसिंग शर्तों का पालन करना जरूरी है। अब कंपनी को इस विषय पर भी अपना पक्ष रखना होगा।

कारण बताओ नोटिस जारी होने का अर्थ यह है कि संबंधित कंपनियों को आरोपों पर जवाब देने का अवसर दिया गया है। वर्तमान में इन नोटिसों को अंतिम दंड या दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। कंपनियों के जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद नियामक आगे की कार्रवाई तय कर सकता है। खाद्य उत्पादों के विज्ञापन में स्वास्थ्य संबंधी दावे उपभोक्ताओं के खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए ऐसे दावों का नियमों के अनुरूप होना जरूरी है। विशेष रूप से कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य से जुड़े दावों के मामले में उपभोक्ताओं को उत्पाद के विज्ञापन और प्रमाणित जानकारी के बीच अंतर समझना चाहिए।

FSSAI ने इसी दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामलों में दो अन्य कंपनियों के विरुद्ध भी कदम उठाया है। नियामक ने निरीक्षण के दौरान गंभीर कमियां पाए जाने पर DNV Food Products Ltd का लाइसेंस निलंबित कर दिया। निरीक्षण में स्वच्छता, साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण और लाइसेंसिंग से संबंधित नियमों के पालन में कमियां सामने आई थीं। इसके अतिरिक्त, निरंतर खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने के कारण झांवित्तान्नी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। ये कार्रवाई खाद्य कारोबार संचालकों की जिम्मेदारी और निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन पर नियामक की सख्ती को दर्शाती हैं।

खाद्य नियामक की इन कार्रवाइयों के बाद खाद्य उत्पादों के प्रचार, ऑनलाइन बिक्री और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं के संबंध में चर्चा तेज हो गई है। कंपनियों के लिए जरूरी है कि वे अपने उत्पादों के स्वास्थ्य संबंधी लाभों का प्रचार करते समय निर्धारित नियमों का पालन करें और ऑनलाइन कारोबार के लिए आवश्यक लाइसेंस भी सुनिश्चित करें। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए FSSAI की कार्रवाई अहम है, हालांकि बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट और जेमिनी एडिबल्स के मामले में अंतिम निर्णय उनके जवाब और नियामकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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