Greater Noida Board Meeting: श्रमिक आवास, लेबर हॉस्टल और पब्लिक लाइब्रेरी को मंजूरी, साल के अंत तक निर्माण शुरू करने की तैयारी
नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में शहर के श्रमिकों, छात्रों और आम नागरिकों से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। प्राधिकरण बोर्ड ने पतवाड़ी और बिरौंडी में श्रमिकों के लिए ईडब्ल्यूएस आवास, ईकोटेक क्षेत्र में ट्रांजिट लेबर हॉस्टल और सेक्टर अल्फा-1 में सार्वजनिक पुस्तकालय बनाने का निर्णय लिया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाने वाले अप्रवासी श्रमिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं देना और छात्रों को अध्ययन के लिए किफायती संसाधन उपलब्ध कराना है।
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक शहर होने के कारण देश के अलग-अलग जिलों और राज्यों से बड़ी संख्या में श्रमिक रोजगार की तलाश में यहां आते हैं। इनमें निर्माण और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या भी काफी है। रोजगार मिलने के बाद कई श्रमिक अपने परिवारों के साथ यहीं स्थायी रूप से रहने की इच्छा रखते हैं, लेकिन महंगे फ्लैट खरीदना उनके लिए आसान नहीं होता।
प्राधिकरण के मुताबिक आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिकों और उनके परिवारों के सामने किफायती और सुरक्षित आवास की बड़ी चुनौती रहती है। कई बार पर्याप्त आर्थिक संसाधन नहीं होने के कारण लोग अनधिकृत कॉलोनियों में जमीन या मकान खरीदने में अपनी जमा पूंजी लगा देते हैं।
इस समस्या का समाधान करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पतवाड़ी और बिरौंडी गांव में ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाने की योजना तैयार की है। इन परियोजनाओं के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है।
प्राधिकरण का लक्ष्य सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसी वर्ष के अंत तक श्रमिक आवास परियोजना का निर्माण कार्य शुरू करना है। योजना का उद्देश्य बाहर से आने वाले निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराना है।
इसके साथ ही रोजगार की तलाश में ग्रेटर नोएडा आने वाले अप्रवासी श्रमिकों के लिए ट्रांजिट लेबर हॉस्टल बनाने की योजना को भी बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। शहर में आने वाले श्रमिकों के सामने शुरुआत में अस्थायी आवास की सबसे बड़ी समस्या होती है और होटल या अन्य निजी ठहराव की व्यवस्था उनके लिए महंगी साबित होती है।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ट्रांजिट हॉस्टल योजना के तहत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर ईकोटेक-6 और ईकोटेक-11 में 3000-3000 वर्गमीटर भूमि चिह्नित की है।
प्राधिकरण यह जमीन श्रम विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करेगा। इसके बाद श्रम विभाग की ओर से ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा।
इन हॉस्टलों में बाहर से रोजगार की तलाश में आने वाले श्रमिक बहुत कम किराया देकर अस्थायी रूप से रह सकेंगे। रोजगार मिलने के बाद वे अपनी आवश्यकता और आय के अनुसार स्थायी आवास की व्यवस्था कर सकेंगे।
प्राधिकरण का मानना है कि ट्रांजिट हॉस्टल की सुविधा शुरू होने से हजारों अप्रवासी श्रमिकों को राहत मिलेगी। उन्हें रोजगार की तलाश के शुरुआती दिनों में महंगे होटल या असुरक्षित अस्थायी ठिकानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
बोर्ड बैठक में तीसरा महत्वपूर्ण फैसला सेक्टर अल्फा-1 में सार्वजनिक पुस्तकालय के निर्माण को लेकर लिया गया। प्रस्तावित लाइब्रेरी करीब 1360 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी।
इसमें करीब 440 वर्गमीटर क्षेत्र में तीन मंजिला पुस्तकालय भवन बनाया जाएगा। शेष क्षेत्र में पार्किंग, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पुस्तकालय में छोटे बच्चों, स्कूली और कॉलेज छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग विषयों की किताबें उपलब्ध कराने की योजना है।
विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से महंगी किताबें खरीदने में सक्षम नहीं हैं। वे न्यूनतम शुल्क देकर पुस्तकालय से किताबें जारी करा सकेंगे और अपनी पढ़ाई तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सार्वजनिक पुस्तकालय का निर्माण कार्य भी इसी वर्ष के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य रखा है। लाइब्रेरी बनने से सेक्टर अल्फा-1 और आसपास के इलाकों में रहने वाले छात्रों और युवाओं को अध्ययन के लिए नई सुविधा मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की इन तीनों परियोजनाओं में श्रमिकों के स्थायी और अस्थायी आवास के साथ शिक्षा से जुड़े सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया गया है। बोर्ड की मंजूरी के बाद अब संबंधित विभाग परियोजनाओं की तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को आगे बढ़ाएंगे।
144वीं बोर्ड बैठक में चेयरमैन दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार वर्चुअल माध्यम से, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ प्रेरणा सिंह और एसीईओ सुमित यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जीएम वित्त स्वतंत्र गुप्ता, जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह, ओएसडी गुंजा सिंह, ओएसडी अभिषेक पाठक, ओएसडी गिरीश झा, ओएसडी मुकेश कुमार सिंह और ओएसडी अजय शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।


