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Swine Flu Cases: नोएडा में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 222 हुई, जिला अस्पताल में विशेष OPD; 10 बेड रिजर्व

Swine Flu Cases: नोएडा में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 222 हुई, जिला अस्पताल में विशेष OPD; 10 बेड रिजर्व

नोएडा। जिले में स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। 11 नए मरीज सामने आने के बाद अब जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़कर 222 हो गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक फिलहाल किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है और सभी संक्रमित मरीजों का इलाज घर पर ही चल रहा है। बढ़ते मामलों को देखते हुए सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में विशेष ओपीडी शुरू करने के साथ मरीजों के लिए बेड रिजर्व किए गए हैं और अलग आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था भी की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हाल में स्वाइन फ्लू के 11 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इन्हें मिलाकर जिले में अब तक सामने आए मरीजों की संख्या 222 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि स्वाइन फ्लू से संक्रमित सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है। किसी मरीज की हालत गंभीर नहीं है और सभी का उपचार चल रहा है।

स्वाइन फ्लू और बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष ओपीडी संचालित की जा रही है, ताकि लक्षण वाले मरीजों की समय पर जांच और उपचार किया जा सके।

जिला अस्पताल में पिछले दो दिनों के दौरान करीब 120 मरीजों की जांच की गई है। बुखार और सांस संबंधी लक्षण वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. अशोक कुमार झा ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन करीब चार हजार मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त तैयारियां की हैं।

अस्पताल में स्वाइन फ्लू और इससे संबंधित लक्षण वाले मरीजों की जरूरत को देखते हुए 10 बेड रिजर्व रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर इन बेड का इस्तेमाल मरीजों के उपचार के लिए किया जा सकेगा।

इसके अलावा अस्पताल में 10 बेड का अलग आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। संदिग्ध या संक्रमण से संबंधित लक्षण वाले मरीजों को आवश्यकता के अनुसार यहां दूसरे मरीजों से अलग रखकर उपचार और निगरानी की व्यवस्था की जा सकेगी।

बुखार के मरीजों की जांच और इलाज के लिए अस्पताल में दो अलग कमरे निर्धारित किए गए हैं। इन कमरों में मरीजों की जांच और उपचार के लिए दो डॉक्टरों की तैनाती की गई है।

सीएमएस डॉ. अशोक कुमार झा के मुताबिक अस्पताल में बुखार और सांस संबंधी लक्षण लेकर पहुंचने वाले मरीजों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। डॉक्टर मरीजों के लक्षणों के आधार पर जांच और आवश्यक उपचार कर रहे हैं।

इस बीच स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले दो संदिग्ध मरीजों को एहतियात के तौर पर जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया था। दोनों मरीज पहले से सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित बताए गए हैं।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार दोनों संदिग्ध मरीजों की जांच कराई गई, लेकिन उनकी रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई। इसके बावजूद संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी तक सामने आए 222 स्वाइन फ्लू मरीजों में किसी की स्थिति गंभीर नहीं है। सभी संक्रमित मरीजों का घर पर इलाज चल रहा है।

जिले में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ स्वास्थ्य विभाग और जिला अस्पताल की ओर से निगरानी बढ़ाई गई है। अस्पताल में विशेष ओपीडी, रिजर्व बेड, आइसोलेशन वार्ड और डॉक्टरों की अलग तैनाती के जरिए संभावित मरीजों की समय पर पहचान और उपचार की व्यवस्था की गई है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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