Janmashtami Celebration: कान्हा रचाएंगे रास, भक्ति में झूमेगा नोएडा; इस्कॉन में 1000 किलो पेड़े का प्रसाद और 108 से अधिक व्यंजनों का लगेगा भोग

Janmashtami Celebration: कान्हा रचाएंगे रास, भक्ति में झूमेगा नोएडा; इस्कॉन में 1000 किलो पेड़े का प्रसाद और 108 से अधिक व्यंजनों का लगेगा भोग

नोएडा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर शहर में भक्ति और उल्लास का माहौल बनने लगा है। मंदिरों से लेकर सेक्टरों और आवासीय सोसाइटियों तक कान्हा के स्वागत की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच रही हैं। जन्माष्टमी पर कहीं बाल गोपाल की लीलाएं श्रद्धालुओं का मन मोहेंगी तो कहीं राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी। भजन-कीर्तन, दही हांडी, मटकी फोड़, फैंसी ड्रेस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए शहर में जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा। आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिरों में विशेष आरती, भोग और प्रसाद वितरण होगा।

सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की जा रही है। एडीसीपी नोएडा जोन मनीषा सिंह, एसीपी द्वितीय मयंक तिवारी और एसीपी यातायात सौरभ सिंह ने मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है।

बैठक में मंदिर के प्रवेश और निकास, पार्किंग, यातायात व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई। जन्माष्टमी के दिन मंदिर और आसपास करीब 200 से 250 पुलिसकर्मी एवं प्रशासनिक कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।

मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा जांच के लिए मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। पूरे परिसर और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।

भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए इस्कॉन मंदिर की ओर से भी बड़े स्तर पर तैयारी की गई है। मंदिर की 300 से 400 सदस्यों की क्राउड कंट्रोल टीम व्यवस्था संभालेगी। इसके अलावा करीब 80 से 90 निजी सुरक्षाकर्मियों को भी तैनात किया जाएगा।

मंदिर में वीआईपी श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए अलग व्यवस्था की गई है। वीआईपी प्रवेश मंदिर के पीछे स्थित वृंदावन द्वार से होगा, जबकि सामान्य श्रद्धालुओं को मुख्य द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। भीड़ बढ़ने की स्थिति में प्रवेश और निकास को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग टीमों की जिम्मेदारी तय की जा रही है।

जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार को भी बेहद खास बनाने की तैयारी है। इस्कॉन मंदिर में भगवान की विशेष पोशाक पिछले करीब एक महीने से तैयार की जा रही है। इसमें कॉटन और सिल्क समेत विभिन्न प्रकार के फैब्रिक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

भगवान श्रीकृष्ण को जन्माष्टमी पर 108 से अधिक प्रकार के व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए मथुरा से 1000 किलो पेड़े का प्रसाद भी मंगवाया गया है।

मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट और शेड लगाने का काम शुरू हो गया है। मंदिर प्रबंधन का लक्ष्य तीन सितंबर की रात तक सभी तैयारियों को अंतिम रूप देना है।

शहर के अन्य मंदिरों में भी जन्माष्टमी की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। सेक्टर-44 स्थित शिव मंदिर को फूलों की मालाओं, गुब्बारों और आकर्षक लाइटों से सजाया जा रहा है। मंदिर के पुजारी शिवम के मुताबिक तीन सितंबर तक सजावट का काम पूरा कर लिया जाएगा।

चार सितंबर को शाम छह बजे शिव मंदिर से भगवान श्रीकृष्ण की झांकी निकाली जाएगी। यह झांकी पूरे गांव में भ्रमण करने के बाद रात करीब 10 बजे वापस मंदिर पहुंचेगी। इस दौरान श्रद्धालुओं को पंचामृत का प्रसाद वितरित किया जाएगा।

सेक्टर-20 स्थित हनुमान मंदिर में भी जन्माष्टमी को भव्य तरीके से मनाने की तैयारी है। मंदिर समिति के अध्यक्ष सुधीर पोरवाल के मुताबिक इलेक्ट्रिक सजावट और अन्य व्यवस्थाओं का काम शुरू हो गया है।

यहां जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को 201 किलो लड्डू और 201 किलो पंचामृत का भोग अर्पित किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 30 से 35 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। रात एक बजे से दो बजे तक श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित करने की व्यवस्था रहेगी।

सेक्टर-19 स्थित सनातन धर्म मंदिर को भी जन्माष्टमी के लिए नए स्वरूप में सजाया जा रहा है। मंदिर की मरम्मत के साथ सजावट का काम चल रहा है। यहां दो सितंबर को शाम सात बजे से रात 12 बजे तक भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।

भजन संध्या में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े भजनों और कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।

सेक्टर-121 स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान करीब एक हजार से दो हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंधन दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करने में जुटा है।

यहां प्रवेश, भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन, प्राथमिक चिकित्सा और पार्किंग की जिम्मेदारी स्वयंसेवकों को दी जाएगी। मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं।

सेक्टर-2 स्थित लाल मंदिर समेत शहर के अन्य छोटे-बड़े मंदिरों में भी जन्माष्टमी पर विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कई स्थानों पर बच्चों के लिए राधा-कृष्ण रूप सज्जा और फैंसी ड्रेस कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होंगे।

इसके अलावा नृत्य कार्यक्रम, दही हांडी और मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को जीवंत किया जाएगा। मंदिरों और सोसाइटियों में भजन-कीर्तन के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।

जन्माष्टमी की रात 12 बजते ही मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम शुरू होगी। कान्हा के जन्म के साथ विशेष आरती की जाएगी और भगवान को भोग अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा। शहर के मंदिरों से लेकर सोसाइटियों तक होने वाले इन आयोजनों के चलते नोएडा जन्माष्टमी पर पूरी तरह कृष्ण भक्ति के रंग में रंगने को तैयार है।

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