Farmers Protest: किसानों को रोकने धरना स्थल पर डाली मिट्टी, कई किसान नेता हाउस अरेस्ट
नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों के प्रस्तावित घेराव को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। किसानों के मुताबिक धरना स्थल पर मिट्टी डाली गई और कई किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। वहीं, प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे कुछ अन्य किसानों को भी गिरफ्तार किए जाने का आरोप लगाया गया है।
किसान 10 प्रतिशत आबादी भूखंड, बढ़े हुए मुआवजे और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर महापड़ाव कर रहे थे। किसानों ने 17 अगस्त को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का घेराव करने का आह्वान किया था। प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए।
किसानों का आरोप है कि उन्हें प्रदर्शन स्थल पर एकत्र होने से रोकने के लिए धरना स्थल पर मिट्टी डाली गई। इसके अलावा प्राधिकरण की ओर जाने वाले रास्तों पर अवरोधक लगाए गए। किसान नेताओं के अनुसार, पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन से पहले ही कई नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद कर दिया।
किसान नेता रुपेश वर्मा ने बताया कि किसान सभा के नेतृत्व में सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के घेराव की योजना बनाई गई थी। इसमें गौतम बुद्ध नगर के तीन किसान संगठनों के साथ कई अन्य संगठन भी शामिल होने वाले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने पहले से तैयारी करते हुए किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया और धरना स्थल पर पहुंचने वाले अन्य किसानों को गिरफ्तार किया।
किसानों की प्रमुख मांगों में जमीन के बदले 10 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड का लाभ देना शामिल है। इसके साथ ही किसान नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू करने, उचित मुआवजा देने, सर्किल रेट में संशोधन करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
किसान संगठनों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा है। किसान संघर्ष मोर्चा और किसान एकता संघ सहित विभिन्न संगठनों की ओर से प्राधिकरण के सामने अपनी मांगें रखी जाती रही हैं।
प्रशासन की ओर से प्रदर्शन को देखते हुए प्राधिकरण की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।
किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार व प्राधिकरण से बातचीत के माध्यम से समाधान चाहते हैं। वहीं, प्रशासन की कोशिश है कि प्रस्तावित घेराव के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।


