Mathura : छाता क्षेत्र में बंद पड़ी शुगर मिल को फिर से शुरू कराने की मांग के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा है कि छाता में पुरानी शुगर मिल की जगह एक बहुउद्देशीय डुअल प्लांट स्थापित किया जाएगा, जो साल के 12 महीने संचालित होगा और क्षेत्र के युवाओं को लगातार रोजगार देगा।
मंत्री ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्षों और वर्ष 2012 से आंदोलनरत छाता शुगर मिल संघर्ष समिति के पदाधिकारियों चंद्रपाल एडवोकेट, भीमसेन शर्मा, भगवत पांडे, रामचरन और चेयरमैन छाता ने उन्हें इस संबंध में ज्ञापन सौंपा था। उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह योजना तैयार की है।
चौधरी लक्ष्मी नारायण के अनुसार यह डुअल प्लांट बहु-फसली मॉडल पर आधारित होगा। इसमें गन्ना उत्पादक किसान गन्ना, धान उत्पादक धान और मक्का उत्पादक मक्का की आपूर्ति कर सकेंगे। गन्ने का सीजन खत्म होने के बाद प्लांट धान और मक्के से एथेनॉल का उत्पादन करेगा। इससे मिल 5 महीने की बजाय पूरे साल चलेगी और घाटे की संभावना नहीं रहेगी।
शुरुआत में प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 10 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई और आपूर्ति की रखी गई है। मंत्री ने कहा कि भविष्य में यदि गन्ने की आवक बढ़ती है तो बागपत, मुजफ्फरनगर और गजरौला की तर्ज पर इसमें क्षमता विस्तार का भी प्रावधान किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि भाजपा पदाधिकारियों और संघर्ष समिति की मांग है कि अगला गन्ना सीजन शुरू होने से पहले प्लांट तैयार हो जाए। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है कि सितंबर माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिलान्यास और उद्घाटन की तिथि ली जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगली गन्ना फसल आने तक नया प्लांट पूरी तरह तैयार हो जाएगा।


