Hapur News : भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद हापुड़ के सिंभावली स्थित आर.एस.के. इंटर कॉलेज में एनसीसी कैडेटों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई जिला टीबी अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने की।
कार्यक्रम में कैडेटों को टीबी के लक्षण, बचाव, जांच और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और नियमित दवा से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को टीबी मुक्त बनाने में युवाओं की भागीदारी सबसे अहम है। कैडेट समाज के प्रभावी माध्यम हैं और वे अपने परिवार, स्कूल और आसपास के लोगों तक यह संदेश पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन घटना, भूख न लगना या बलगम में खून आने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करानी चाहिए। समय पर जांच और इलाज से बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजीव कुमार गोहित ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। एनसीसी कैडेट अनुशासन और जनसेवा के साथ स्वास्थ्य जागरूकता का काम भी कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी कैडेटों ने टीबी मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। इस अवसर पर एनसी प्रभारी राकेश कुमार, राम सिंह, सुरेंद्र कुमार, अजय कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट उपस्थित रहे।


