Labour Cases: लंबित श्रम मामलों के निपटारे के विशेष अभियान में एक महीने में 2,769 केस निपटे

Labour Cases: लंबित श्रम मामलों के निपटारे के विशेष अभियान में एक महीने में 2,769 केस निपटे
नई दिल्ली, 27 जुलाई। श्रमिकों को समय पर न्याय दिलाने और लंबे समय से लंबित श्रम विवादों के तेजी से समाधान के लिए मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के कार्यालय की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। तीन महीने का यह अभियान 1 जून से 31 अगस्त 2026 तक जारी रहेगा। इसके तहत औद्योगिक विवादों के साथ वेतन, ग्रेच्युटी, मातृत्व लाभ और अन्य वैधानिक दावों से जुड़े मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, 1 जून 2026 तक देशभर में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के फील्ड कार्यालयों में कुल 16,033 मामले लंबित थे। अभियान शुरू होने के बाद पहले ही महीने में 2,769 मामलों का निपटारा कर दिया गया। सरकार के अनुसार, एक महीने में इतने मामलों के निपटारे से लंबित प्रकरणों की संख्या कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने सोमवार को लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना और श्रमिकों तथा नियोक्ताओं से जुड़े विवादों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
अभियान के दायरे में औद्योगिक विवादों के अलावा कर्मचारियों के वेतन से संबंधित दावे भी शामिल हैं। समय पर वेतन नहीं मिलने, बकाया भुगतान और अन्य वैधानिक देनदारियों से जुड़े मामलों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रेच्युटी से जुड़े दावों को भी तेजी से हल करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पात्र कर्मचारियों को उनके कानूनी अधिकारों के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
मातृत्व लाभ से जुड़े मामलों को भी विशेष अभियान में शामिल किया गया है। सरकार का प्रयास है कि श्रम कानूनों के तहत कर्मचारियों को मिलने वाले अधिकारों और सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का समाधान समय पर हो। इससे श्रमिकों को आर्थिक और कानूनी राहत मिलने के साथ श्रम विवादों के लंबे समय तक चलने की स्थिति को भी कम किया जा सकेगा।
मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के फील्ड कार्यालयों में लंबित 16,033 मामलों को देखते हुए सरकार ने तीन महीने का यह विशेष अभियान शुरू किया है। पहले महीने में 2,769 मामलों का निपटारा होने के बाद अब अभियान की शेष अवधि में भी अधिक से अधिक लंबित मामलों को समाप्त करने पर जोर रहेगा।
सरकार के मुताबिक, श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच विवादों का समयबद्ध समाधान श्रम न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा। विशेष अभियान के जरिए न केवल लंबित मामलों का बोझ कम करने की कोशिश की जा रही है, बल्कि श्रमिकों को उनके वैधानिक अधिकारों और लाभों तक समय पर पहुंच सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।





