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Greater Noida STP Death: सीवेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से दो की मौत, बचाने उतरा गार्ड भी नहीं बच सका

Greater Noida STP Death: सीवेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से दो की मौत, बचाने उतरा गार्ड भी नहीं बच सका

ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित एल्डिको सोसाइटी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टैंक की सफाई के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सफाई के लिए टैंक में उतरा कर्मचारी जहरीली गैस की चपेट में आने से बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए नीचे उतरा सिक्योरिटी गार्ड भी अंदर फंस गया और बेहोश हो गया। दोनों को करीब 40 मिनट के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान राजस्थान के करौली जिले के गड़मुरा गांव निवासी 40 वर्षीय शशिकांत शर्मा और 22 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड आकाश के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

पुलिस के मुताबिक दोनों को टैंक से बाहर निकालने के बाद तत्काल कैलाश अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

सफाई के लिए टैंक में उतरा था कर्मचारी

स्थानीय लोगों के मुताबिक रविवार तड़के एल्डिको सोसाइटी में STP टैंक की सफाई का काम चल रहा था। शशिकांत शर्मा सफाई करने के लिए टैंक के अंदर उतरे थे। आरोप है कि टैंक के अंदर जहरीली गैस होने के कारण वह अचानक बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल सके।

काफी देर तक जब शशिकांत बाहर नहीं आए तो सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड आकाश ने उन्हें आवाज लगाई। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर आकाश उन्हें देखने के लिए टैंक के अंदर उतर गया। लेकिन कुछ ही देर बाद वह भी बेहोश हो गया और बाहर नहीं आ सका।

दोनों के अंदर फंसे होने की जानकारी मिलने पर सोसाइटी में हड़कंप मच गया। लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

फायर ब्रिगेड ने 40 मिनट में दोनों को बाहर निकाला

सूचना मिलने के करीब 10 मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। करीब 15 फायर फाइटर्स ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा उपकरण और रस्सी की मदद से टीम के सदस्य टैंक के अंदर पहुंचे और दोनों को बाहर निकालने का प्रयास किया।

करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद शशिकांत और आकाश को बाहर निकाला गया। दोनों उस समय बेहोश थे। उन्हें एंबुलेंस की मदद से तत्काल अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

चीफ फायर ऑफिसर प्रदीप कुमार के मुताबिक फायर विभाग को सुबह करीब चार बजे सूचना मिली थी कि दो लोग सीवर टैंक के अंदर फंसे हुए हैं। सूचना मिलने के करीब 10 मिनट बाद टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब पांच बजे तक ऑपरेशन पूरा कर लिया गया।

बिना सुरक्षा उपकरण के टैंक में उतरने का आरोप

सोसाइटी के लोगों ने सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासी समीर सैनी के मुताबिक सोसाइटी में लंबे समय से STP से बदबू आने की समस्या थी। लोगों की शिकायतों के बाद बिल्डर की ओर से सफाई का काम कराया जा रहा था।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना टैंक के अंदर उतरा था। जहरीली गैस की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के कारण वह बेहोश हुआ और उसकी जान चली गई। उसे बचाने के प्रयास में सिक्योरिटी गार्ड भी टैंक के अंदर चला गया और उसकी भी मौत हो गई।

लोगों ने बताया कि सोसाइटी में महंगे फ्लैट होने के बावजूद उन्हें लंबे समय से STP की बदबू की परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उनका कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बाद सफाई का काम शुरू हुआ था।

चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ

ग्रेटर नोएडा के डीसीपी रवि शंकर निम ने बताया कि 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र की एक सोसाइटी में सीवर टैंक की सफाई के दौरान दो लोग बेहोश हो गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची।

रेस्क्यू के बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक इस मामले में तहरीर प्राप्त हुई है और उसके आधार पर चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मामले में ठेकेदार के खिलाफ भी FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं, कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं और इस हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

 

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