New Delhi : अमित शाह ने किया विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र का भूमि पूजन, अमूल बंगाल डेयरी परियोजना से 1.20 लाख पशुपालकों को मिलेगा लाभ

Kolkata/New Delhi : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर में अमूल बंगाल डेयरी परियोजना के अंतर्गत विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी, राज्य के सहकारिता मंत्री स्वपन दासगुप्ता, वित्त मंत्री तापस रॉय, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री डॉ. कल्याण चक्रवर्ती, खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यानिकी मंत्री शरद्वत मुखर्जी, मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल और अमूल डेयरी अध्यक्ष अशोक चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में समृद्ध, सुरक्षित, शिक्षित और संस्कारित ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प को धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल में आज विश्व के सबसे बड़े दही उत्पादन प्लांट का भूमि पूजन हुआ है। परियोजना के प्रथम चरण में प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग होगी और लगभग 1 लाख 20 हजार दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 30 एकड़ भूमि निःशुल्क अमूल को देकर इस बड़े प्लांट को साकार किया है। इससे पशुपालकों को उनके दूध का अधिकतम मूल्य मिल सकेगा। अमित शाह ने विश्वास जताया कि कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से बंगाल तक बंगाल में बनने वाला मिष्टी दही अब घर-घर में खाया जाएगा।

गृह मंत्री ने कहा कि सहकारिता की ताकत का सबसे बड़ा उदाहरण अमूल है। अमूल के साथ 36 लाख महिलाएं और 18,600 से अधिक ग्रामीण दुग्ध सहकारी समितियां जुड़ी हैं। अमूल के उत्पादों पर उपभोक्ता द्वारा खर्च किए गए प्रत्येक 100 रुपये में से लगभग 87 रुपये सीधे पशुपालकों के बैंक खाते में जाते हैं। यही सहकारिता का वास्तविक मॉडल है।

उन्होंने घोषणा की कि बंगाल में पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए भारत सरकार की ओर से एक बड़ा केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां सेक्स-सॉर्टेड सीमन की भी व्यवस्था होगी। इससे दूध उत्पादन में कम से कम 25 प्रतिशत की वृद्धि संभव हो सकेगी। अगले 15 वर्षों में राज्य के प्रत्येक पशुपालक परिवार में उन्नत नस्ल के कम से कम दो पशु उपलब्ध कराए जाएंगे और दूध की खरीद सहकारी समितियों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।

अमित शाह ने बताया कि सहकारिता मंत्रालय की 70 से अधिक किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अगले छह महीने के भीतर बंगाल के किसानों तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में राज्य के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कार्यालय का पूर्ण कंप्यूटरीकरण और 10 सहकारी गोदामों का शिलान्यास भी किया गया। इसके अलावा ‘सारथी’ कॉन्सेप्ट के तहत बंगाल की टैक्सियों का भारत टैक्सी के साथ एमओयू हुआ है, जिससे प्रत्येक सारथी अपनी गाड़ी के साथ-साथ कंपनी का भी मालिक बनेगा।

हावड़ा फूड पार्क में लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से बन रही अमूल बंगाल डेयरी परियोजना के पूर्ण होने पर यहां प्रतिदिन 30 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जा सकेगा। संयंत्र में प्रतिदिन 10 लाख लीटर पैकेज्ड दूध, 2 लाख लीटर यूएचटी दूध, 1 लाख लीटर आइसक्रीम, 20 मीट्रिक टन पनीर, 10 मीट्रिक टन घी और 10 मीट्रिक टन मिठाइयों के साथ 2.5 लाख पैक फ्लेवर्ड मिल्क का उत्पादन होगा। यह परियोजना पश्चिम बंगाल में डेयरी सहकारिता को मजबूत कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित करेगी।

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