
West Champaran Flood: बाढ़ से दोन इलाके में मचा हाहाकार, एप्रोच बहने से दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा
पश्चिमी चम्पारण, 15 जुलाई। बिहार के पश्चिमी चम्पारण जिले में लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। रामनगर प्रखंड के दोन इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। तेज बहाव के कारण कई एप्रोच सड़कें बह गई हैं, जिससे करीब दो दर्जन गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि ग्रामीणों के लिए एक गांव से दूसरे गांव तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
जानकारी के अनुसार, रामनगर प्रखंड की बनकटवा करमहिया और गोबरहिया नौरंगिया पंचायतों के लगभग 22 गांव इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और तेज बहाव में कई एप्रोच सड़कें बह गईं। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में औरहिया तथा चम्पापुर के बीच बना एप्रोच शामिल है, जो नदी के तेज बहाव में पूरी तरह बह गया। इसके अलावा सेमरहनी दोन और नरकटिया दोन के बीच बनरहा नदी पर बने बांस के पुल का एप्रोच भी पानी में समा गया। इन रास्तों के टूट जाने से दर्जनों गांवों का संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।
सड़क संपर्क टूटने के बाद स्थानीय लोगों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं। मरीजों, स्कूली बच्चों, किसानों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें आवश्यक सामान और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने के लिए भी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।
इस कठिन परिस्थिति में स्थानीय युवाओं की एक टोली ग्रामीणों के लिए मददगार बनकर सामने आई है। ये युवा बिना किसी शुल्क के तेज बहाव वाली नदी को पार कराते हुए राहगीरों और उनकी मोटरसाइकिलों को अपने कंधों पर उठाकर सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचा रहे हैं। जोखिम भरे हालात के बावजूद युवाओं की यह पहल लोगों के लिए राहत का बड़ा सहारा बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी का बहाव इतना तेज है कि उसे देखकर ही लोग सहम जा रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय युवा मानवता का परिचय देते हुए लगातार लोगों की मदद में जुटे हुए हैं। उनकी इस सेवा की ग्रामीणों द्वारा सराहना की जा रही है।
बाढ़ और सड़क संपर्क टूटने के कारण क्षेत्र में कृषि कार्य भी प्रभावित हुए हैं। कई किसानों के खेतों में पानी भर गया है, जबकि ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों का सामान लाने-ले जाने में भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए, क्षतिग्रस्त एप्रोच की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने सुरक्षित आवागमन के लिए अस्थायी पुल या नाव की व्यवस्था करने की भी अपील की है।
प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों का आकलन किया जा रहा है। ग्रामीणों को नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा अनावश्यक रूप से पानी में उतरने से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति सामान्य होते ही क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।





