Teacher Cashless Health Scheme: गौतमबुद्ध नगर के 4,426 शिक्षकों को मिलेगा ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज, मुख्यमंत्री योजना का शुभारंभ

Teacher Cashless Health Scheme: गौतमबुद्ध नगर के 4,426 शिक्षकों को मिलेगा ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज, मुख्यमंत्री योजना का शुभारंभ
नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया है। इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ वाराणसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया, जिसका सीधा प्रसारण प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों में दिखाया गया।
गौतमबुद्ध नगर में इस अवसर पर बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से ग्रेटर नोएडा स्थित आईआईएमटी कॉलेज में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना एवं डीबीटी वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने योजना का शुभारंभ करते हुए शिक्षकों को हेल्थ कार्ड वितरित किए और सरकार की इस पहल को शिक्षा जगत के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
राज्य मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर के 4,426 शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को इस योजना के तहत ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, क्योंकि स्वस्थ शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार लगातार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में जनकल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से विद्यार्थियों को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर भी चर्चा की गई। राज्य मंत्री ने कहा कि डीबीटी व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और विद्यार्थियों तक सरकारी सहायता सीधे पहुंच रही है। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में शिक्षकों और विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया।
समारोह में शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल, शिक्षण-अधिगम सामग्री और विभिन्न शैक्षणिक प्रदर्शनों का भी अवलोकन किया गया। राज्य मंत्री ने इन नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक और व्यवहारिक शिक्षा विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने शिक्षकों को लगातार नए प्रयोग करने और शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, जिलाधिकारी मेधा रूपम, मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। इसके अलावा दादरी, जेवर और दनकौर में भी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना एवं डीबीटी वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने शिक्षकों को योजना की जानकारी दी और लाभार्थियों को कार्ड वितरित किए।





