उत्तर प्रदेशराज्य

Farmers Protest: ग्रेटर नोएडा तहसील में किसान सभा का प्रदर्शन, लेखपाल पर रिश्वत मांगने का आरोप

Farmers Protest: ग्रेटर नोएडा तहसील में किसान सभा का प्रदर्शन, लेखपाल पर रिश्वत मांगने का आरोप

ग्रेटर नोएडा की सदर तहसील में सोमवार को अखिल भारतीय किसान सभा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कथित भ्रष्टाचार के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ग्राम सूरजपुर के एक मकान के लोन आवेदन के सत्यापन के लिए क्षेत्रीय लेखपाल ने अपने ड्राइवर के माध्यम से रिश्वत की मांग की। किसान सभा ने तहसील प्रशासन को शिकायत सौंपते हुए आरोपी लेखपाल के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

किसान सभा के अनुसार संगठन के सक्रिय सदस्य ओम दत्त शर्मा को ग्राम सूरजपुर स्थित अपने मकान के लिए लोन आवेदन का सत्यापन कराना था। आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान क्षेत्रीय लेखपाल ममता चौधरी ने अपने ड्राइवर के माध्यम से सत्यापन के बदले पैसे की मांग कराई। मामले की जानकारी मिलने के बाद किसान सभा के कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और संगठन ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया।

सोमवार को बड़ी संख्या में किसान सभा के कार्यकर्ता सदर तहसील पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने तहसील सभागार में मौजूद एसीपी और तहसीलदार अजय से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए लिखित शिकायत भी सौंपी।

किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने आरोप लगाया कि तहसील में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं और कई मामलों में बिना पैसे लिए काम नहीं किए जाते। उन्होंने कहा कि लोन जैसी जरूरी प्रक्रिया के सत्यापन के लिए भी रिश्वत मांगना बेहद गंभीर मामला है और इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

संगठन के संयोजक वीर सिंह नागर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। वहीं महासचिव संदीप भाटी ने कहा कि किसान सभा भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रहेगी और किसी भी कीमत पर ऐसी शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों के बावजूद सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

किसान सभा ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। संगठन का कहना है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल प्रशासन ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच का भरोसा दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है और आरोपों में कितनी सच्चाई सामने आती है।

 

Related Articles

Back to top button