Noida: बरसात गांव भूमि विवाद में प्रशासन की पहल, मंदिर में पूजा जारी रहेगी, जमीन का बंटवारा होगा कोर्ट से

Noida: बरसात गांव भूमि विवाद में प्रशासन की पहल, मंदिर में पूजा जारी रहेगी, जमीन का बंटवारा होगा कोर्ट से
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के बरसात उर्फ बिसाइच गांव में भूमि विवाद को लेकर चल रहे मामले में तहसील प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। शनिवार को तहसील सदर की टीम गांव पहुंची और विवादित भूमि का निरीक्षण करने के साथ दोनों पक्षों से बातचीत की। प्रशासन ने साफ किया है कि विवादित भूमि पर बने मंदिर में पूजा-पाठ पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है। साथ ही दोनों पक्षों ने मामले का अंतिम निस्तारण होने तक विवादित जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं करने पर सहमति जताई है। मामले की शुरुआत गांव निवासी राजेश देवी द्वारा जिलाधिकारी से की गई शिकायत के बाद हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि खसरा नंबर 169 में स्थित जमीन उनकी निजी संपत्ति है और उस पर उनका कब्जा भी है। इसके बावजूद कुछ लोग उस जमीन को ग्राम समाज की भूमि बताकर वहां मंदिर निर्माण का प्रयास कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप था कि इस संबंध में गांव स्तर पर पंचायत भी आयोजित की गई, लेकिन उसके बावजूद कुछ लोग कथित रूप से जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद तहसील प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। जांच पूरी होने तक एसडीएम सदर द्वारा विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया गया था। इस आदेश की प्रति संबंधित थाना पुलिस को भी भेजी गई थी ताकि किसी प्रकार की स्थिति न बिगड़े। इसके बावजूद शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि दूसरा पक्ष मंदिर निर्माण का कार्य जारी रखने का प्रयास कर रहा है। इसी शिकायत के आधार पर शनिवार को एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और मौके पर दोनों पक्षों की बात सुनी। निरीक्षण के बाद एसडीएम ने बताया कि विवादित भूमि पर पहले से बने मंदिर में पूजा-पाठ करने पर कोई रोक नहीं लगाई गई है और श्रद्धालु पूर्व की तरह धार्मिक गतिविधियां जारी रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि खसरा नंबर 169 में निजी संपत्ति शामिल है और उसका बंटवारा न्यायालय के माध्यम से कराया जाएगा। एसडीएम ने यह भी बताया कि मौके पर कुछ अतिरिक्त (एक्सेस) भूमि होने की बात सामने आई है, जिस पर मंदिर निर्माण किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। चूंकि यह क्षेत्र ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आता है, इसलिए इस संबंध में जांच की जिम्मेदारी प्राधिकरण की होगी। तहसील प्रशासन की ओर से भी प्राधिकरण को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया है कि जब तक विवाद का कानूनी समाधान नहीं हो जाता, तब तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया और जांच के बाद मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकल सकेगा।





