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PM2.5 Pollution: जहरीली हवा से महिलाओं में बढ़ रहा हाई बीपी का खतरा, PM2.5 बना बड़ा कारण

PM2.5 Pollution: जहरीली हवा से महिलाओं में बढ़ रहा हाई बीपी का खतरा, PM2.5 बना बड़ा कारण

नई दिल्ली। देशभर में बढ़ता वायु प्रदूषण अब सिर्फ सांस और फेफड़ों की बीमारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के दिल और रक्तचाप पर भी गंभीर असर डाल रहा है। दिल्ली समेत कई शहरों की जहरीली हवा महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन का खतरा तेजी से बढ़ा रही है। हाल ही में हुई एक बड़ी रिसर्च में खुलासा हुआ है कि हवा में मौजूद महीन प्रदूषक कण पीएम2.5 महिलाओं की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं।

Indian Institute of Technology Delhi, All India Institute of Medical Sciences और अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की संयुक्त स्टडी में यह तथ्य सामने आया है। रिसर्च टीम के सदस्य और एम्स के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अंबुज राय के अनुसार पीएम2.5 के स्तर में हर 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की वृद्धि महिलाओं में हाई बीपी का खतरा करीब 5.2 प्रतिशत तक बढ़ा देती है।

यह अध्ययन देश के 707 जिलों की 6.27 लाख से अधिक महिलाओं पर आधारित था। शोधकर्ताओं ने पाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली, आर्थिक रूप से कमजोर, धूम्रपान करने वाली और मोटापे से ग्रस्त महिलाएं प्रदूषण के सबसे ज्यादा असर में हैं। खासकर 30 से 49 वर्ष की महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा अधिक पाया गया।

स्टडी के मुताबिक प्रदूषण में मौजूद ब्लैक कार्बन और सल्फेट जैसे तत्व सबसे अधिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। ये खतरनाक प्रदूषक मुख्य रूप से वाहनों के धुएं, कोयला जलाने, बायोमास और औद्योगिक उत्सर्जन से निकलते हैं। लंबे समय तक ऐसी जहरीली हवा में रहने से महिलाओं में हृदय रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी तेजी से बढ़ सकता है।

शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि यदि भारत राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम यानी एनसीएपी के लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल कर लेता है तो महिलाओं में हाई बीपी के मामलों में करीब 2.4 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। वहीं अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ के स्वच्छ हवा मानकों को लागू किया जाए तो यह कमी 4.2 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्वच्छ हवा अब केवल पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह महिलाओं की सेहत और जीवन बचाने की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। डॉक्टरों ने लोगों से प्रदूषण से बचाव, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की है।

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