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Noida: नोएडा में एपेक्स ग्रुप के मालिक समेत कई लोगों पर करोड़ों की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

Noida: नोएडा में एपेक्स ग्रुप के मालिक समेत कई लोगों पर करोड़ों की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

Noida में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी और फ्लैट रजिस्ट्री विवाद को लेकर एपेक्स ग्रुप के मालिक सतनाम सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ सेक्टर-113 थाने में मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निवेशकों को बेहतर मुनाफे और आधुनिक सुविधाओं का सपना दिखाकर फ्लैट बुक कराए गए, लेकिन वर्षों बाद भी फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। साथ ही विरोध करने पर धमकी और अभद्रता करने का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़ित कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने वर्ष 2004 में Indirapuram स्थित सिद्धार्थ विहार अपार्टमेंट में फ्लैट खरीदा था। इसके बाद वर्ष 2011 में एपेक्स ग्रुप के मालिक सतनाम सिंह और उनके सहयोगियों सुखबीर सिंह तथा वीरेंद्र कौशिक ने उन्हें सेक्टर-75 स्थित एपेक्स एथेना परियोजना में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

शिकायतकर्ता के अनुसार बिल्डर पक्ष ने आधुनिक सुविधाओं और बेहतर रिटर्न का भरोसा देकर परिवार के कई सदस्यों के नाम पर फ्लैट बुक कराए। कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, उनकी पत्नी प्रीति श्रीवास्तव और अन्य परिजनों ने अलग-अलग फ्लैटों के लिए करोड़ों रुपये का भुगतान किया। वर्ष 2019 में फ्लैटों का कब्जा भी दे दिया गया, लेकिन आज तक रजिस्टर्ड सब-लीज डीड नहीं कराई गई।

पीड़ित का आरोप है कि जब भी रजिस्ट्री कराने की बात होती थी, बिल्डर पक्ष अलग-अलग बहाने बनाकर तारीख आगे बढ़ा देता था। कई बार उन्हें सेक्टर-33 स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय बुलाया गया, लेकिन अंतिम समय में रजिस्ट्री टाल दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा और उन्हें लगातार परेशान किया गया।

परिवार ने जब अपने फ्लैट बेचने की कोशिश की तो संभावित खरीदारों ने सबसे पहले रजिस्टर्ड सब-लीज डीड मांगी। आरोप है कि इसी दौरान बिल्डर पक्ष ने कहा कि अब फ्लैटों की कीमत काफी बढ़ चुकी है और रजिस्ट्री कराने के लिए मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से अतिरिक्त रकम देनी होगी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बिल्डर पक्ष ने पुराने दाम पर फ्लैट वापस बेचने का दबाव भी बनाया।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ अभद्रता की गई और धमकियां दी गईं। उनका कहना है कि बिल्डर और उसके सहयोगियों ने जानबूझकर फ्लैटों की रजिस्ट्री रोककर आर्थिक दबाव बनाया और अवैध वसूली की कोशिश की। पीड़ित ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है। सेक्टर-113 थाना पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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