Medicine Safety Initiative: भारतीय भेषज संहिता आयोग ने बिहार, महाराष्ट्र और मिजोरम से किया समझौता

Medicine Safety Initiative: भारतीय भेषज संहिता आयोग ने बिहार, महाराष्ट्र और मिजोरम से किया समझौता

New Delhi में भारतीय Indian Pharmacopoeia Commission ने बिहार, महाराष्ट्र और मिजोरम की राज्य फार्मेसी परिषदों के साथ महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दवाओं के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। इस समझौते के जरिए फार्मासिस्टों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि दवाओं का इस्तेमाल वैज्ञानिक और सही तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।

आईपीसी के अनुसार समझौते के तहत फार्मासिस्टों को दवाओं के उचित उपयोग, संभावित दुष्प्रभावों और मरीजों को सही परामर्श देने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा अस्पतालों और फार्मेसियों में भारत की राष्ट्रीय फॉर्मुलरी यानी National Formulary of India को एक महत्वपूर्ण संदर्भ पुस्तक के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दवाओं का उपयोग सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप हो।

इस समझौते के तहत भारत के Pharmacovigilance Programme of India को भी और मजबूत किया जाएगा। इसके माध्यम से दवाओं के दुष्प्रभाव यानी एडवर्स ड्रग रिएक्शन (ADR) की रिपोर्टिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही राज्यों में नए निगरानी केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि दवाओं से जुड़े जोखिमों की निगरानी और बेहतर तरीके से की जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक आईपीसी और संबंधित राज्य फार्मेसी परिषदें मिलकर जागरूकता अभियान, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए फार्मासिस्टों की पेशेवर क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आम लोगों को भी दवाओं के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से दवाओं के गलत इस्तेमाल और उनसे होने वाले दुष्प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही मरीजों को अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। यह समझौता स्वास्थ्य क्षेत्र में दवा सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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