
Hantavirus Alert: क्रूज शिप केस के बाद भारत सतर्क, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बढ़ाई निगरानी
नई दिल्ली, 9 मई: दुनिया में हंटावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने भी एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आए मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी जरूरी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मामला क्रूज शिप MV Hondius से जुड़ा है, जहां हंटावायरस संक्रमण के कई संभावित मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार जहाज पर कुल 8 संभावित केस पाए गए हैं, जिनमें से 5 मामलों की लैब में पुष्टि हो चुकी है। इस संक्रमण से अब तक 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले पर World Health Organization और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है। WHO ने इस वायरस को लेकर फिलहाल वैश्विक जोखिम को ‘कम’ श्रेणी में रखा है, हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इसकी लंबी इन्क्यूबेशन अवधि के कारण आगे और मामले सामने आ सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, जहाज पर पाया गया वायरस एंडीज स्ट्रेन का हंटावायरस है, जिसमें सीमित स्तर पर व्यक्ति से व्यक्ति में संक्रमण फैलने की क्षमता होती है। हालांकि इसके लिए लंबे समय तक नजदीकी संपर्क आवश्यक होता है, जिससे व्यापक महामारी का खतरा फिलहाल कम माना जा रहा है।
भारतीय स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, जहाज पर दो भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं। दोनों नागरिक फिलहाल स्वस्थ हैं और किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं दिखा रहे हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत निगरानी में रखा गया है ताकि किसी भी संभावित जोखिम को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
स्थिति को देखते हुए भारत में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई है। National Centre for Disease Control (NCDC) और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) के तहत पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की है। इस बैठक में तैयारियों, निगरानी तंत्र और आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि भारत पूरी तरह सतर्क है और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ लगातार संपर्क में है। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।





