Delhi Train Stone Pelting: ट्रेनों पर पथराव रोकने के लिए रेलवे की सख्ती, ड्रोन निगरानी और शॉर्ट फिल्म से जागरूकता अभियान शुरू

Delhi Train Stone Pelting: ट्रेनों पर पथराव रोकने के लिए रेलवे की सख्ती, ड्रोन निगरानी और शॉर्ट फिल्म से जागरूकता अभियान शुरू
रिपोर्ट: रवि डालमिया
राजधानी दिल्ली समेत उत्तर रेलवे के विभिन्न रेल रूटों पर ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। कई मामलों में यात्रियों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि रेलवे ट्रैक पर पत्थर या अन्य वस्तुएं रखे जाने की घटनाओं ने बड़े रेल हादसों का खतरा भी बढ़ा दिया है। इन बढ़ती घटनाओं को देखते हुए रेलवे और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों पर पथराव और रेलवे ट्रैक पर बाधाएं डालने जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पैदल गश्त बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों के जरिए संवेदनशील इलाकों की निगरानी भी की जा रही है, ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके और समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इसी कड़ी में आरपीएफ आनंद विहार ने एक विशेष शॉर्ट फिल्म भी तैयार की है, जिसके माध्यम से रेलवे ट्रैक के किनारे रहने वाले लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस फिल्म को खासतौर पर रेलवे लाइन के पास स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों और बच्चों को दिखाया जा रहा है।
फिल्म में बेहद भावनात्मक तरीके से यह दिखाया गया है कि ट्रेन पर पथराव कितना खतरनाक साबित हो सकता है। कहानी में एक युवती की आंख की रोशनी चली जाती है, जिससे उसका पायलट बनने का सपना टूट जाता है। इस संदेश के जरिए लोगों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि मजाक या शरारत में किया गया पथराव किसी की जिंदगी बर्बाद कर सकता है।
आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को अक्सर रेलवे ट्रैक के आसपास खेलते हुए देखा जाता है और कई बार वे मनोरंजन के लिए गुजरती ट्रेनों पर पत्थर फेंक देते हैं। इसके अलावा कुछ मामलों में शराब के नशे में या आपराधिक मानसिकता वाले लोग भी ऐसी घटनाओं में शामिल पाए गए हैं।
रेलवे के अनुसार, दिल्ली मंडल में दयाबस्ती से गुरुग्राम, सब्जी मंडी से पानीपत, ओखला से फरीदाबाद और आनंद विहार से साहिबाबाद रेल रूट पर सबसे ज्यादा पथराव की घटनाएं सामने आती हैं। इन इलाकों में रेलवे ट्रैक के किनारे बड़ी संख्या में झुग्गियां स्थित हैं, इसलिए इन्हें संवेदनशील जोन मानते हुए विशेष निगरानी रखी जा रही है।
आरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों पर पथराव करने वालों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 145 और 147 के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है। धारा 145 के तहत छह महीने तक की जेल या 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि धारा 147 के तहत छह महीने तक का कारावास, 100 रुपये का जुर्माना या दोनों सजा का प्रावधान है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता अभियान भी बेहद जरूरी है। यही कारण है कि अब तकनीकी निगरानी के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





