Noida Authority : उद्यान कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, देरी और लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार
नोएडा प्राधिकरण ने शहर के पार्कों और हरित क्षेत्रों को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की दिशा में सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) वंदना त्रिपाठी ने बोर्ड रूम सभागार में उद्यान विभाग की समीक्षा बैठक की, जिसमें विभिन्न पार्कों के विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कई परियोजनाओं में देरी और लापरवाही पर अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई गई।
बैठक में सबसे पहले सेक्टर-62 स्थित डी-पार्क के नवीनीकरण कार्य की समीक्षा की गई। कार्य की धीमी गति पर ACEO ने असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को 15 सितंबर 2026 तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वाइब्रेशन पार्क के सौंदर्यीकरण कार्यों में ढिलाई बरतने पर संबंधित उप निदेशक और सहायक निदेशक (उद्यान) से स्पष्टीकरण भी मांगा गया।
उद्यान खंड-द्वितीय के अंतर्गत सेक्टर-94 स्थित चंपियन पार्क के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पार्क का सौंदर्यीकरण और विकास कार्य 15 जुलाई 2026 तक पूरा कर लिया जाए और उसके बाद लोकार्पण की तिथि तय की जाए।
बैठक में सेक्टर-91 स्थित डियर पार्क के लंबित कार्यों को जल्द पूरा कराने और पार्क के मुख्य द्वार के सौंदर्यीकरण का कार्य शीघ्र शुरू करने के भी निर्देश दिए गए। वहीं सेक्टर-167 में प्रस्तावित लेक-व्यू पार्क की आकलन रिपोर्ट तीन दिन के भीतर तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया।
आगामी मानसून को देखते हुए शहर में सुरक्षा संबंधी तैयारियों पर भी विशेष जोर दिया गया। ACEO ने निर्देश दिए कि सड़क किनारे लगे पुराने और जर्जर पेड़ों की समय रहते छंटाई की जाए और झुकी हुई शाखाओं को हटाया जाए, ताकि बारिश और तेज हवाओं के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
भीषण गर्मी को देखते हुए प्राधिकरण ने श्रमिकों और कर्मचारियों के कार्य समय में भी बदलाव करने का फैसला लिया है। वंदना त्रिपाठी ने निर्देश दिए कि सभी संविदाकार और विभागीय कर्मचारी सुबह 7:30 बजे से काम शुरू करें, ताकि दोपहर की तेज गर्मी में काम प्रभावित न हो और कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े।
बैठक के दौरान सभी उद्यान अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। ACEO ने कहा कि स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे पार्कों और हरित क्षेत्रों का बेहतर रखरखाव संभव हो सके।
नोएडा प्राधिकरण की इस कार्रवाई को शहर को अधिक हरित, सुरक्षित और सुंदर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


