
New Delhi : दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के 42वें वार्षिक समारोह में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। समारोह में दोनों नेताओं का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया गया और विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल और डिग्रियां प्रदान की गईं।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल और सामाजिक गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले छात्रों को ‘बेस्ट स्टूडेंट ऑफ द ईयर’, ‘बेस्ट स्पोर्ट्सपर्सन’, ‘बेस्ट एनसीसी कैडेट’ और ‘एलुमनस ऑफ द ईयर’ जैसी श्रेणियों में सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और शिक्षाविद मौजूद रहे।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने संस्थान की चार दशक से अधिक की शैक्षणिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि यह कॉलेज विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित कर रहा है। उन्होंने डिजिटल युग की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए छात्रों से निरंतर सीखते रहने और बदलती तकनीक के अनुरूप खुद को ढालने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और युवाओं को व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज, पर्यावरण और नैतिक मूल्यों के प्रति भी सजग रहना चाहिए।
समारोह के बाद उपराज्यपाल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें अपने विचार खुलकर रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवाद युवाओं और नेतृत्व के बीच बेहतर समझ विकसित करते हैं और नवाचार को बढ़ावा देते हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी मेहनत, अनुशासन और संकल्प का परिणाम है। उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान केवल डिग्री देने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने वाला मंच है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्रों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा से जोड़कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि देश को आगे बढ़ाने में युवाओं की भूमिका निर्णायक है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, विश्वविद्यालय के अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।





