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Noida Hate Crime Case: सुप्रीम कोर्ट सख्त, यूपी पुलिस की जांच पर उठाए गंभीर सवाल

Noida Hate Crime Case: सुप्रीम कोर्ट सख्त, यूपी पुलिस की जांच पर उठाए गंभीर सवाल

Noida में 2021 के चर्चित हेट क्राइम मामले को लेकर Supreme Court of India ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच अधिकारी के रवैये पर सवाल उठाते हुए तीखी टिप्पणी की कि “आपका आईओ इस कोर्ट के साथ हाइड एंड सीक क्यों खेल रहा है?”

जस्टिस Vikram Nath और Sandeep Mehta की बेंच ने राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल K M Nataraj से पूछा कि एफआईआर में आईपीसी की धारा 153-बी क्यों नहीं जोड़ी गई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह धारा राष्ट्रीय एकता के खिलाफ बयानबाजी से जुड़ी है, जबकि धारा 295-ए धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामलों में लागू होती है।

अदालत ने कहा कि 16 फरवरी को राज्य की ओर से बताया गया था कि शिकायत के आधार पर दोनों धाराएं लगनी चाहिए थीं, लेकिन अब तक धारा 153-बी नहीं जोड़ी गई। इस पर कोर्ट ने दाखिल अनुपालन हलफनामे को असंतोषजनक बताया और जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

सुनवाई के दौरान एएसजी K M Nataraj ने बताया कि ट्रायल कोर्ट ने आगे की जांच की अनुमति दे दी है और पुलिस आवश्यक धाराएं जोड़ देगी। हालांकि याचिकाकर्ता के वकील ने दावा किया कि धारा 153-बी को फिर से हटा दिया गया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

कोर्ट ने जांच अधिकारी को तलब करने की बात कही, लेकिन राज्य सरकार के अनुरोध पर दो सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई 19 मई तय कर दी। साथ ही अदालत ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारियों को अपने आचरण में सुधार करना चाहिए, अन्यथा उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

यह मामला 4 जुलाई 2021 को Noida Sector 37 में हुई घटना से जुड़ा है, जहां एक व्यक्ति के साथ उसकी दाढ़ी और मुस्लिम पहचान के आधार पर कथित रूप से मारपीट और उत्पीड़न किया गया था। पीड़ित दिल्ली से अलीगढ़ जा रहा था और रास्ते में उसके साथ यह घटना हुई।

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में गौतमबुद्धनगर के कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है, जिन पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन न करने का आरोप है। अब इस मामले में अगली सुनवाई में जांच की प्रगति और पुलिस की कार्रवाई पर कोर्ट की नजर रहेगी।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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