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Noida Airport Illegal Construction: जेवर में रात के अंधेरे में अवैध निर्माण, ज्यादा मुआवजे के लालच में चल रहा खेल

Noida Airport Illegal Construction: जेवर में रात के अंधेरे में अवैध निर्माण, ज्यादा मुआवजे के लालच में चल रहा खेल

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना क्षेत्र में अवैध निर्माण का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन की सख्ती के बावजूद जेवर और आसपास के गांवों में रात के अंधेरे में चोरी-छिपे निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, ताकि जमीन अधिग्रहण के बदले अधिक मुआवजा हासिल किया जा सके।

एयरपोर्ट से जुड़ी जमीनों का अधिग्रहण तेजी से पूरा किया जा रहा है और तीसरे चरण तक किसानों को मुआवजा भी दिया जा चुका है। लेकिन अधिग्रहित जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित होने के बावजूद ठेकेदार और कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस अवैध निर्माण के पीछे मुख्य मकसद तैयार मकान दिखाकर दोगुना मुआवजा और आवासीय प्लॉट का लाभ लेना है।

सूत्रों के अनुसार, दिन में प्रशासन की निगरानी से बचने के लिए ठेकेदार रात के समय निर्माण कार्य कराते हैं। हाल ही में प्रशासन की टीम ने सुबह छापेमारी कर ऐसे ही एक अवैध निर्माण को रुकवाया और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इसके बावजूद कई गांवों में यह गतिविधियां लगातार जारी हैं।

अवैध निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। बीते दिनों कई दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें मजदूरों की जान चली गई। 12 मार्च को रामनेर गांव में निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से महिला मजदूर अनीता की मौत हो गई थी। मजदूरों के अनुसार, निर्माण में मिट्टी से चिनाई और खराब गुणवत्ता की ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

इसी तरह साबौता गांव में मकान गिरने से चार मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 मार्च को नीमका गांव में दूसरी मंजिल की छत गिरने की घटना भी सामने आई थी। इन घटनाओं ने अवैध और घटिया निर्माण के गंभीर खतरे को उजागर किया है।

ग्रामीण इलाकों में ठेकेदारों के संगठित गिरोह सक्रिय बताए जा रहे हैं, जो कम लागत में जल्दी निर्माण कराते हैं और बाद में मुआवजे की रकम मिलने पर किसानों से कमीशन भी लेते हैं। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के मामलों पर सख्त नजर रखी जा रही है और लगातार कार्रवाई की जा रही है।

Durgesh Singh ने बताया कि अधिग्रहित गांवों का पूरा रिकॉर्ड प्रशासन के पास मौजूद है और जो भी लोग नए निर्माण कर रहे हैं, उनके खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही मुआवजा भी रोका जाएगा।

फिलहाल प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, लेकिन अवैध निर्माण का यह खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा और नियमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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