Mathura Heritage City: यमुना बाढ़ से बचाव के लिए सिंचाई विभाग करेगा सर्वे, सुरक्षा योजना तैयार

Mathura Heritage City: यमुना बाढ़ से बचाव के लिए सिंचाई विभाग करेगा सर्वे, सुरक्षा योजना तैयार
मथुरा में प्रस्तावित हेरिटेज सिटी परियोजना को यमुना नदी की बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने सिंचाई विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया है। सिंचाई विभाग क्षेत्र का विस्तृत सर्वे कर बाढ़ से बचाव के उपायों की कार्ययोजना तैयार करेगा, ताकि भविष्य में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को किसी तरह का नुकसान न हो।
दरअसल, मानसून के दौरान यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ का पानी प्रस्तावित हेरिटेज सिटी क्षेत्र तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी। इसी खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि सिंचाई विभाग की मदद से पहले ही सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। हाल ही में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में आयोजित हुई थी, जिसमें इस परियोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में यीडा अधिकारियों ने हेरिटेज सिटी परियोजना का प्रस्तुतिकरण दिया और बाढ़ के संभावित खतरे को सामने रखा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परियोजना को सुरक्षित रखने के लिए सिंचाई विभाग के सहयोग से ठोस और स्थायी समाधान निकाला जाए। इसके बाद यीडा ने तुरंत पहल करते हुए सिंचाई विभाग को पत्र भेजा, ताकि सर्वे का काम जल्द शुरू हो सके।
यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अनुसार, सिंचाई विभाग का सर्वे इस पूरे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जल प्रवाह और बाढ़ के संभावित मार्गों का आकलन करेगा। इसके आधार पर ऐसी योजना बनाई जाएगी, जिससे बाढ़ का पानी हेरिटेज सिटी क्षेत्र तक पहुंचने से पहले ही रोका जा सके। इस योजना में तटबंध, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य संरचनात्मक उपाय शामिल किए जा सकते हैं।
हेरिटेज सिटी परियोजना को एक बड़े पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनाई जा रही 15.3 किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों ओर करीब 750 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। यह सड़क एनएच-44 को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी, जिससे क्षेत्र में आवागमन और कनेक्टिविटी को काफी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, इस परियोजना के तहत एक सड़क यमुना नदी पर बनने वाले नए पुल से भी जोड़ी जाएगी, जिससे श्रद्धालु सीधे बांके बिहारी मंदिर तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इस पूरी योजना का उद्देश्य मथुरा-वृंदावन क्षेत्र को एक विश्वस्तरीय धार्मिक और पर्यटन हब के रूप में विकसित करना है।
हालांकि, बाढ़ का खतरा इस परियोजना के सामने एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरा है। ऐसे में सिंचाई विभाग द्वारा किया जाने वाला सर्वे और उसके बाद तैयार की जाने वाली कार्ययोजना इस परियोजना की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि समय रहते प्रभावी उपाय किए जाते हैं, तो यह हेरिटेज सिटी भविष्य में एक सुरक्षित और आकर्षक गंतव्य बन सकती है।
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