AIIMS Aesthetic Surgery Trend: हर उम्र के लोग ले रहे एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट, एम्स में बढ़ी मांग, नए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

AIIMS Aesthetic Surgery Trend: हर उम्र के लोग ले रहे एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट, एम्स में बढ़ी मांग, नए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

नई दिल्ली स्थित All India Institute of Medical Sciences में एस्थेटिक सर्जरी और एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है। अब केवल युवा ही नहीं, बल्कि प्रौढ़ और बुजुर्ग वर्ग के लोग भी अपने लुक को बेहतर बनाने और उम्र के प्रभाव को कम करने के लिए इन आधुनिक प्रक्रियाओं का सहारा ले रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, मोटापा कम होने के बाद शरीर में आने वाला ढीलापन, चेहरे की झुर्रियां, झाइयां, दाग-धब्बे या किसी दुर्घटना के निशान अब एस्थेटिक सर्जरी के जरिए काफी हद तक सुधारे जा सकते हैं। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए एम्स ने इस क्षेत्र में उन्नत प्रशिक्षण और सेवाओं को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।

एम्स के प्लास्टिक, रिकंस्ट्रक्टिव और बर्न्स सर्जरी विभाग के प्रोफेसर मनीष सिंघल के मुताबिक भारत में एस्थेटिक सर्जरी का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में लगभग 12 लाख प्रक्रियाएं की गईं, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 15 लाख के करीब पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि भारत इस क्षेत्र में दुनिया में छठे स्थान पर है, लेकिन प्रशिक्षित सर्जनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

डॉक्टरों का कहना है कि एस्थेटिक सर्जरी अब सिर्फ सुंदर दिखने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे लोगों का आत्मविश्वास बढ़ता है और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, देश में करीब 1200 प्रशिक्षित एस्थेटिक सर्जन ही उपलब्ध हैं, जबकि मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी कमी को दूर करने के लिए 24 से 26 अप्रैल तक “एस्थेटिक सर्जरी अपडेट 2026” नामक कार्यशाला आयोजित की जा रही है, जिसमें देश-विदेश के 280 से अधिक प्लास्टिक सर्जन नई तकनीकों का प्रशिक्षण लेंगे।

एम्स में वर्तमान में हेयर ट्रांसप्लांट, लिपोसक्शन, फेसलिफ्ट, राइनोप्लास्टी, लेजर ट्रीटमेंट, बोटॉक्स और डर्मल फिलर्स जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन प्रक्रियाओं के जरिए न केवल चेहरे और शरीर की बनावट को सुधारा जाता है, बल्कि व्यक्ति के आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार आता है।

एस्थेटिक सर्जरी, जिसे कॉस्मेटिक सर्जरी भी कहा जाता है, के तहत फेसलिफ्ट, नाक की सर्जरी, पलकों की सर्जरी, बॉडी कंटूरिंग, टमी टक और अन्य प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। इसके अलावा फिलर्स और बोटॉक्स जैसे नॉन-सर्जिकल विकल्प भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एस्थेटिक सर्जरी का क्षेत्र और तेजी से विकसित होगा और आधुनिक तकनीकों के जरिए अधिक लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

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