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Drug Quality Monitoring: देश में 5 साल में करीब 5 लाख दवा नमूनों की जांच, हजारों पर कार्रवाई

Drug Quality Monitoring: देश में 5 साल में करीब 5 लाख दवा नमूनों की जांच, हजारों पर कार्रवाई

देश में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पिछले पांच वर्षों में करीब 4.9 लाख दवा नमूनों की जांच कराई है। इन जांचों में कई दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं, जबकि कुछ मामलों में नकली और मिलावटी दवाओं के भी मामले सामने आए। सरकार का कहना है कि दवा बाजार में पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए निगरानी व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री Anupriya Patel ने राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण को नियंत्रित करने के लिए Drugs and Cosmetics Act, 1940 के तहत लाइसेंस जारी किए जाते हैं। साथ ही निरीक्षण प्रणाली के जरिए दवाओं की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाती है।

सरकार के मुताबिक दिसंबर 2022 से Central Drugs Standard Control Organization और राज्य औषधि नियंत्रकों ने जोखिम आधारित निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 960 से अधिक दवा निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया है। जांच के बाद 860 से ज्यादा मामलों में कार्रवाई की गई है, जिनमें कारण बताओ नोटिस जारी करना, उत्पादन रोकने के आदेश, लाइसेंस निलंबन या रद्द करना और चेतावनी पत्र देना शामिल है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दवाओं की गुणवत्ता को लेकर विशेष रूप से कफ सिरप और रक्त से जुड़े संस्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। इसके तहत 1100 से अधिक कफ सिरप निर्माताओं और लगभग 380 ब्लड सेंटरों का विशेष ऑडिट किया गया है। साथ ही बाजार में उपलब्ध सिरप दवाओं के नमूनों की अतिरिक्त जांच भी कराई जा रही है, ताकि किसी भी तरह की मिलावट या गुणवत्ता में कमी को समय रहते पकड़ा जा सके।

सरकार ने राज्य स्तर पर दवा नियंत्रण प्रणाली को मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लगभग 756 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। इस राशि का उपयोग दवा परीक्षण प्रणाली को मजबूत करने और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने में किया जा रहा है।

इसी योजना के अंतर्गत देश में 19 नई दवा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जबकि 28 मौजूदा प्रयोगशालाओं का उन्नयन किया गया है। इन नई और उन्नत लैब्स के माध्यम से दवाओं के नमूनों की जांच अधिक तेजी और सटीकता के साथ की जा सकेगी, जिससे देश में दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

 

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