Uttar Pradesh : गाजियाबाद में उमड़ा ब्राह्मण समाज का जनसैलाब, पश्चिमी यूपी की राजनीति में बदलाव के संकेत

Ghaziabad News : गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-7 में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह ने रविवार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से नई चर्चा छेड़ दी। भाजपा के गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में 50 हजार से अधिक लोगों की ऐतिहासिक मौजूदगी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में संभावित बदलाव के संकेत दिए हैं। पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों से पहुंचे ब्राह्मण समाज के लोगों और संगठनों की भारी भागीदारी को समाज की बढ़ती एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

करीब छह घंटे तक चले इस भव्य आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समारोह में उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माताप्रसाद पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि बलिया से सांसद सनातन पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पीताम्बर शर्मा ने की। मंच से वक्ताओं ने ब्राह्मण समाज को संगठित रहने, शिक्षा को मजबूत करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की सफलता के पीछे अमरपाल शर्मा और उनकी एक हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की टीम की लगातार मेहनत रही। टीम ने एक महीने तक गांव-गांव, कस्बों और शहरों में जनसंपर्क अभियान चलाकर समाज को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया। आयोजन स्थल पर उमड़ी भारी भीड़ ने इस अभियान की सफलता को स्पष्ट कर दिया। कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज की उपेक्षा, शिक्षा और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर मंच और पंडाल में व्यापक चर्चाएं होती रहीं। भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्र में हुए इस आयोजन ने राजनीतिक गलियारों में हलचल और चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

समारोह का मुख्य आकर्षण मुंबई से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भगवान परशुराम की भव्य लीला रही। करीब दो घंटे तक चले मंचन में भगवान परशुराम के पराक्रम, धर्म, न्याय और त्याग को जीवंत रूप में दर्शाया गया। श्रद्धालु पूरी प्रस्तुति के दौरान भावविभोर नजर आए। दूर बैठे लोगों के लिए एलईडी स्क्रीन की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।

कार्यक्रम के दौरान उस समय भावुक माहौल बन गया जब अमरपाल शर्मा ने मंच से हजारों लोगों को संबोधित करते हुए डंडवत प्रणाम किया। यह दृश्य देखते ही पूरा पंडाल तालियों और “पंडित अमरपाल शर्मा जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज सदियों से भारतीय संस्कृति, शिक्षा, ज्ञान और सामाजिक मूल्यों को दिशा देता आया है। भगवान परशुराम केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष कर धर्म की स्थापना की। उन्होंने युवाओं से भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्रहित और समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मानना रहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक गौरव और ब्राह्मण समाज की एकता का विराट प्रदर्शन बनकर सामने आया। हजारों लोगों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि समाज आज भी अपनी परंपराओं, संस्कृति और आदर्शों के प्रति पूरी निष्ठा और सम्मान रखता है।

भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए पंखों, कूलरों, पेयजल और भोजन प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। सुव्यवस्थित प्रबंधन और सेवा भावना की लोगों ने खुलकर सराहना की।

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