
Defence Housing Policy: सेना के ‘परिवार’ की नई परिभाषा, आश्रित भाई-बहन भी होंगे शामिल
नई दिल्ली, 11 फरवरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेवा अधिकारियों को आवंटित किए जाने वाले सरकारी आवास के लिए ‘परिवार’ की परिभाषा में महत्वपूर्ण विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारियों के लिए परिवार की परिभाषा अधिक व्यापक हो गई है। संशोधित नियमों के तहत जीवनसाथी, आश्रित बच्चों और सौतेले बच्चों के साथ-साथ माता-पिता, आश्रित भाई-बहन और विधिक रूप से गोद लिए गए बच्चों को भी परिवार का हिस्सा माना जाएगा।
सरकार के इस निर्णय को सशस्त्र बलों के अधिकारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। अब तक आवास आवंटन की प्रक्रिया में परिवार की परिभाषा सीमित थी, जिससे कई अधिकारियों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विशेष रूप से अविवाहित महिला अधिकारियों, जो अपने माता-पिता या आश्रित सदस्यों के साथ रहती हैं, को इस फैसले से सीधा लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था उनके पारिवारिक दायित्वों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह संशोधन बदलती सामाजिक संरचना और पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। वर्तमान समय में परिवार की अवधारणा पारंपरिक दायरे से आगे बढ़ चुकी है, जहां केवल पति-पत्नी और बच्चों तक सीमित न रहकर माता-पिता, भाई-बहन और अन्य आश्रित सदस्य भी देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता रखते हैं। ऐसे में सरकारी आवास नीति में यह बदलाव समय की मांग के अनुरूप माना जा रहा है।
यह निर्णय ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007’ के प्रावधानों के अनुरूप है। इस अधिनियम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार ने स्वीकार किया है कि आज के दौर में वरिष्ठ नागरिकों और आश्रित परिवारजनों की देखरेख की जिम्मेदारी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में सशस्त्र बलों के अधिकारियों को अपने परिवार के विस्तारित सदस्यों के साथ रहने की सुविधा प्रदान करना सामाजिक और मानवीय दृष्टिकोण से आवश्यक कदम है।
नीतिगत बदलाव से तीनों सेनाओं के अधिकारियों को पारिवारिक स्थिरता और सुरक्षा का अतिरिक्त संबल मिलेगा। लंबे समय तक ड्यूटी, कठिन तैनाती और सीमावर्ती क्षेत्रों में सेवा के कारण सैन्य अधिकारियों को पारिवारिक सहयोग की विशेष आवश्यकता होती है। नई परिभाषा उन्हें मानसिक संतुलन और पारिवारिक सुकून प्रदान करने में सहायक साबित हो सकती है।
सरकार का यह कदम न केवल सैन्य समुदाय के कल्याण की दिशा में अहम पहल है, बल्कि यह पीढ़ियों के बीच सामाजिक संबंधों को मजबूत करने और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सुधार सशस्त्र बलों के मनोबल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सेवा अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन और अधिक समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित करते हैं।
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