
New Delhi : दिल्ली ने शहरी परिवहन के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए देश में पहली बार भारत टैक्सी के सहकारी मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के साथ औपचारिक साझेदारी की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में की गई इस पहल का उद्देश्य दिल्ली आने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित, भरोसेमंद और पारदर्शी टैक्सी सेवाएं उपलब्ध कराना है, साथ ही टैक्सी चालकों की आय और सामाजिक सम्मान को मजबूत करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह करार ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ ट्रैवल और ईज ऑफ अर्निंग को एक साथ सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम है।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित बैठक में दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम और भारत टैक्सी की सहकारी इकाई सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के बीच समझौता हुआ। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री और डीटीटीडीसी के चेयरमैन कपिल मिश्रा, डीटीटीडीसी के प्रबंध निदेशक सुनील अंचिपाका और महाप्रबंधक डी कार्तिकेयन सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव की ओर से वाइस चेयरमैन रोहित गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी कर्नल हिमांशु और ऑपरेशंस व कम्युनिटी एंगेजमेंट से जुड़ी आरुषि कौल उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस साझेदारी का मकसद दिल्ली में सहकारी मॉडल के तहत आधुनिक और भरोसेमंद टैक्सी सेवाओं को बढ़ावा देना है। यह मॉडल केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें तकनीक के साथ मानवीय गरिमा और आजीविका की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। सहकारी टैक्सी मॉडल इसी सोच को व्यवहारिक रूप देता है।
इस समझौते के तहत डीटीटीडीसी पर्यटन और ब्रांडिंग पार्टनर की भूमिका निभाएगा। टैक्सी चालक पर्यटकों के लिए शहर का पहला परिचय होते हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए उन्हें सॉफ्ट स्किल्स, दिल्ली की संस्कृति, इतिहास और विरासत से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद टैक्सी चालक दिल्ली पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करेंगे। वहीं सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और ड्राइवर नेटवर्क के माध्यम से तकनीक-सक्षम टैक्सी सेवाएं उपलब्ध कराएगा, जिससे पर्यटकों और रोजमर्रा के यात्रियों को बेहतर और भरोसेमंद सुविधा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साझेदारी के तहत दिल्ली आने वाले पर्यटकों के लिए टैक्सी के जरिए विशेष भ्रमण पैकेज शुरू किए जाएंगे। इनमें दो घंटे, चार घंटे और पूरे दिन के दर्शनीय स्थल भ्रमण के विकल्प होंगे, जिनमें दिल्ली और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल रहेंगे। इसके साथ ही शहर के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए पॉइंट-टू-पॉइंट टैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी। मोबाइल ऐप आधारित आसान बुकिंग, पारदर्शी किराया व्यवस्था और तय सेवा मानकों से यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना का सबसे बड़ा लाभ टैक्सी चालकों को मिलेगा। सहकारी मॉडल के तहत चालक अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा स्वयं रख सकेंगे, जो निजी एग्रीगेटर कंपनियों की तुलना में अधिक होगा। इसके साथ ही चालक सहकारी संस्था के हिस्सेदार भी होंगे, जिससे उन्हें निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी और संगठित सहयोग मिलेगा। यह मॉडल चालकों को सम्मानजनक रोजगार, स्थिर आय और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार के लिए यह साझेदारी पर्यटन सुविधाओं को मजबूत करने, शहरी परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में सहायक होगी। सहकारी प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकार स्वच्छ, जिम्मेदार और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को आगे बढ़ाना चाहती है। इससे दिल्ली की पहचान एक पर्यटक अनुकूल शहर के रूप में और मजबूत होगी तथा अनियमित और असंगठित टैक्सी सेवाओं पर निर्भरता कम होकर परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।



